हर दिन 18 नए मामले; 6000 से अधिक लोग प्रभावित
चंडीगढ़ में टीबी एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जहाँ हर साल 6,000 से अधिक लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं और प्रतिदिन 18 नए मामले सामने आ रहे हैं।
24 मार्च, 2026 – चंडीगढ़ : टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए भले ही केंद्र सरकार व स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार अभियान चलाए जा रहे हो। इसके बावजूद भी चंडीगढ़ में टीबी घातक रूप धारण करती जा रही है। शहर में बीते चार वर्ष से लगातार 6 हजार से अधिक लोगों को टीबी अपनी चपेट में ले रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से लोकसभा में पेश एक रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ में हर दिन टीबी के 18 नए मामले दर्ज किए जा रहे है। चंडीगढ़ में वर्ष 2025 में टीबी के 6534 मामले सामने आए थे। इसके साथ वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 6960 था। वर्ष 2023 में 6721 मामले सामने आएं थे। वहीं, वर्ष 2023 में टीबी से ग्रसित लोगों की संख्या 6066 दर्ज की गई थी।
स्वास्थ्य मंत्रालय की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों में टीबी का खतरा सबसे अधिक है। वहीं, 46 से 60 आयु वर्ग में भी तेजी से यह खतरा बढ़ रहा है। इसके साथ शून्य में 14 वर्ष आयु के 3.2 प्रतिशत बच्चे टीबी से जूझ रहे है।
डॉक्टरों के अनुसार, दो सप्ताह से अधिक समय तक अगर खांसी की दिक्कत बनी रहती है और कफ या खून आता है, सीने में दर्द, कमजोरी या थकान की समस्या रहती है तो ये टीबी का संकेत हो सकता है। इस तरह के संकेतों पर गंभीरता से ध्यान देना और उपचार प्राप्त करना बहुत जरूरी हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि टीबी से मौत होने का कारण लोगों में जानकारी का अभाव होना है। टीबी के लक्षणों की अनदेखी कर लोग जांच की जगह लोग सामान्य दवाई खाकर समय बिताते रहते है। अंत में अधिक तकलीफ होने पर जांच करवाते हैं, तब तक बीमारी लाइलाज हो चुकी है। प्रदूषित एरिया में लोगों को टीबी की चपेट में आने का अधिक खतरा रहता है। चंडीगढ़ में तेजी से बढ़ रहे प्रदूषण के कारण भी टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
टीबी से जूझ रहे मरीजों की स्थिति
| वर्ष | टीबी से ग्रसित मरीजों की संख्या |
| 2021 | 4720 |
| 2022 | 6066 |
| 2023 | 6721 |
| 2024 | 6960 |
| 2025 | 6534 |
टीबी से बचाव के लिए अपने यह उपाय
- बच्चों को जन्म के एक महीने के अंदर बीसीजी का टीका लगवाना चाहिए।
- टीबी से पीड़ित व्यक्ति को दूसरे लोगों से दूर रहना चाहिए।
- रोगी को हंसते-छींकते या खांसते समय मुंह पर रुमाल रखना चाहिए।
- टीबी से पीड़ित व्यक्ति से मिलने पर सर्जिकल मास्क जरूर लगाना चाहिए।
- टीबी से पीड़ित व्यक्ति को जगह-जगह नहीं थूकना चाहिए।
- स्वस्थ आहार और नियमित योग से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
- हाथों को साफ रखना और समय-समय पर हाथ धोना चाहिए।
- अगर आपको टीबी के संकेत दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए।
दैनिक जागरण