हवाई मार्ग बंद करके होगा करोड़ों का नुकसान
पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करके एक मूर्खतापूर्ण कदम उठाया है। इससे पाकिस्तान को भारत से मिलने वाली ओवरफ्लाइट फीस का नुकसान होगा। पाकिस्तान को हर साल भारत से ओवरफ्लाइट फीस के रूप में लाखों डॉलर मिलते हैं। इसके अलावा भारत से पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली अधिकांश उड़ानें भारतीय एयरलाइंस ही संचालित करती हैं।
30 अप्रैल, 2025 – नई दिल्ली : रामचरित मानस में गोस्वामी तुलसीदास ने लिखा है कि, जाको प्रभु दारुण दुख दीन्हा, ताकी मति पहिले हर लीन्हा। पहलगाम में बर्बर आतंकी हमले के बाद भारतीय विमानों के लिए अपना वायु क्षेत्र बंद करके दुश्मन देश ने यही चरितार्थ किया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक पाक द्वारा भारतीय विमानों को रोकने से पाकिस्तान को भारत से ज्यादा नुकसान होगा। आइए जानते हैं आखिर क्या है इसके पीछे का कारण…..
नहीं मिलेगी लाखों डॉलर फीस
- विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान ने यह मूर्खतापूर्ण कदम उठाकर दुनिया के तीसरे सबसे बड़े और सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजार भारत से मिलने वाली ओवरफ्लाइट फीस खो दी है।
- ओवरफ्लाइट फीस किसी देश के हवाई क्षेत्र को पार करने वाले विमानों से ली जाती है। पाक को भारत से हर साल ओवरफ्लाइट फीस के रूप लाखों डालर मिलते हैं।
- इसके अलावा भारत से पश्चिमी देशों की ओर जाने वाली अधिकांश उड़ानें भारतीय एयरलाइंस ही संचालित करती हैं।
- अब भारतीय उड़ानें पाकिस्तान के आसमान से गुजरने से बच रही हैं, ऐसे में पाकिस्तान ओवरफ्लाइट आय का बड़ा हिस्सा खो देगा।
2019 से भी नहीं ली सीख
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। जुलाई, 2019 में पुलवामा आतंकी हमले के बाद भी पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया था, जिससे उसे लगभग 10 करोड़ डालर का नुकसान हुआ था। उस दौरान हर दिन लगभग 400 उड़ानें प्रभावित हुईं थीं, जिससे पाकिस्तान के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस को भारी नुकसान हुआ था।
लैडिंग और पार्किंग शुल्क में भी होगा नुकसान
अधिकारियों ने अनुमान लगाया था कि 2019 में पाकिस्तान को केवल ओवरफ्लाइट शुल्क से हर दिन लगभग 2,32,000 डालर का नुकसान हो रहा था। जब लैंडिंग और पार्किंग जैसे अन्य शुल्क जोड़े गए, तो दैनिक नुकसान लगभग तीन लाख डालर हो गया था।
ऐसे तय होती हैं दरें
पाकिस्तान कथित तौर पर एक बोइंग 737 के लिए लगभग 580 डालर का ओवरफ्लाइट शुल्क लेता है। यह भारतीय एयरलाइंस द्वारा संचालित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमानों में सबसे छोटा माना जाता है। दरें अधिकतम टेक- आफ वजन और उड़ान की दूरी के आधार पर बदलती हैं और बड़े विमानों को अधिक शुल्क देना पड़ता है।
भारतीय एयरलाइंस पर हाल ही में प्रतिबंध के साथ इससे प्रतिदिन कम से कम 58,000 डालर का नुकसान हो रहा है। भारत कई बड़े विमान भी संचालित करता है जिसमें बोइंग 777 भी शामिल है। इसका अधिकतम टेकआफ वजन बोइंग 737 से लगभग 3 गुना है। विमान के वजन के अनुसार ओवरफ्लाइट शुल्क 1,700 डालर तक हो सकता है।
सौजन्य : दैनिक जागरण
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