‘भविष्य हमारा इंतजार कर रहा है..’: अभी बड़ी तैयारी करनी है
Mohan Bhagwat: संघ प्रमुख मोहन भागवत ने दो टूक कहा कि हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि भारत विश्वगुरु है, भारत को विश्वगुरु बनना है। हमें भारत को विश्वगुरु बनाना है, तो हमें क्या रोक रहा है? हमें जो चीज पीछे खींच रही है वह तैयारी की कमी है।
09 जून, 2026 – नई दिल्ली: आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर में अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारत का समय आ चुका है। लेकिन केवल समय आने से काम नहीं चलेगा, बल्कि देश और समाज को अपनी जिम्मेदारियों के लिए पूरी तरह तैयार होना होगा। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि आज दुनिया भारत की ओर नई उम्मीद से देख रही है। ऐसे में भारत को अपनी सामूहिक शक्ति बढ़ानी होगी और हर स्तर पर खुद को मजबूत बनाना होगा।
मोहन भागवत ने नागपुर में आरएसएस स्वयंसेवक प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए ये बात कही। इस मौके पर जाने-माने उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला भी चीफ गेस्ट के तौर पर उपस्थित थे।
भारत के विश्वगुरु बनने पर बोले संघ प्रमुख
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख भागवत ने पश्चिम एशिया में बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत के सामने आने वाली आर्थिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए अहम बात कही है। मोहन भागवत ने कहा कि हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि भारत ‘विश्वगुरु’ है या होना चाहिए। तो फिर हमें क्या रोक रहा है? हमें जो रोक रहा है वह है हमारी तैयारियों की कमी।
दुनिया ताकतवर की बात सुनती है: मोहन भागवत
भागवत ने आगे ये भी कहा कि दुनिया ताकतवर की बात सुनती है, और हमें अपने देश को अत्यंत समृद्ध बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमें बड़ी तैयारी करनी है, अपने देश को अत्यंत समृद्ध बनाना होगा। नए मौकों का फायदा उठाने के लिए देश को अपनी राष्ट्रीय क्षमताएं बढ़ानी होंगी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि भले ही यह मुश्किल समय है, लेकिन ये भारत का दौर है। दुनिया महाशक्तियों की होड़ भरी महत्वाकांक्षाओं के बीच फंसी हुई है।
कुमार मंगलम बिड़ला ने क्या कहा
दिग्गज उद्योगपति ने कहा कि पिछले तीन सालों में, युद्ध या बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से कच्चे तेल की कीमतें बहुत तेजी से बढ़ी हैं। सप्लाई चेन पर एक बार फिर दबाव है- इस दशक में ऐसा तीसरी बार हुआ है। AI हमारे दरवाजे पर है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की यह क्रांति अर्थव्यवस्थाओं को बदल देगी। हाल के किसी भी दूसरे तकनीकी आविष्कार की तुलना में ये कहीं ज्यादा लोगों पर असर डालेगी। बिड़ला ने कहा कि दुनिया में अनिश्चितता का यह दौर भारत के लिए एक अहम मोड़ पर आया है।
दिग्गज उद्योगपति बोले- भारत अपना ‘अमृत काल’ शुरू करने जा रहा
उन्होंने कहा कि भारत के लिए चुनौती यह है कि यह उथल-पुथल ऐसे समय में हो रही है जब भारत अपना ‘अमृत काल’ शुरू करने जा रहा है। हालांकि, इतिहास हमें जो सबसे बड़ा सबक सिखाता है, वह है राष्ट्रीय क्षमता और राष्ट्रीय मजबूती बनाने का महत्व। कारोबार बढ़ाने से देश बनाने में मदद मिलती है, ये कहते हुए कुमार मंगलम बिड़ला ने एक अमेरिकी भविष्यवादी का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के भविष्यविद ने कहा है कि दुनिया अगले 10 सालों में 100 सालों जितनी तरक्की करेगी। हमारे सामने सवाल यह नहीं है कि भारत का भविष्य आएगा या नहीं। वह तो आ ही चुका है। सवाल यह है कि क्या हमारे पास उस पर आगे बढ़ने की हिम्मत, उसे आकार देने की कल्पना और यह पक्का करने का संकल्प है कि वह 1.4 अरब भारतीयों की उम्मीदों को पूरा करे।
भागवत बोले- भारत का समय आ गया है
बिड़ला की बात का समर्थन करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि भारत का समय आ गया है, लेकिन दुनिया का नेतृत्व करने के लिए देश में अभी भी जरूरी तैयारी की कमी है। उन्होंने कहा कि दुनिया कहती है कि विकास के एक नए रास्ते की जरूरत है और सिर्फ भारत ही वह रास्ता दिखा सकता है। इसलिए भारत का समय आ गया है। लेकिन इतना ही काफी नहीं है। आपको उस समय के लिए तैयार रहना होगा। भागवत ने आगे कहा कि चीफ गेस्ट की बात सही है, भविष्य पहले ही आ चुका है। भविष्य हमारी तैयारी का इंतजार कर रहा है।
भागवत ने कहा कि हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं कि भारत विश्वगुरु है, भारत को विश्वगुरु बनना है। हमें भारत को विश्वगुरु बनाना है। तो हमें क्या रोक रहा है? हमारी तैयारी; वह अभी भी अधूरी है। ये बातें ऐसे समय में अहम हैं जब भारत कई आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने चालू खाते पर दबाव बढ़ा दिया है, जबकि पूंजी के प्रवाह में कमी ने बाहरी क्षेत्र की कमजोरियों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। भागवत ने कहा कि भारत को अपनी सभ्यतागत मूल्यों से जुड़े रहते हुए समृद्ध और शक्तिशाली बनना चाहिए।
नवभारत टाइम्स