आज संघ समाज को संस्कारित करने के लिए वे सभी काम कर रहा है, जिनकी कल्पना संविधान निर्माताओं ने की थी। इसलिए यह कहना उचित नहीं है कि संघ और संविधान अलग-अलग राह के राही हैं। 6 नवंबर, 1949 को भारत का संविधान अंगीकार किया गया। इस दिन ने हमारे राष्ट्र की दिशा और धुरी तय की। … [Read more...] about संघ और संविधान
National Perspectives
लोकतंत्र की सेहत पर सवाल, बढ़ता मौन गहरी चिंता पैदा करता है
लोकतंत्र की सबसे सुंदर बात यही है कि वह बहस से चलता है, सहमति से नहीं। अगर संसद में अब सिर्फ सहमति बची है और असहमति को जगह नहीं दी जा रही तो हमें यह स्वीकार करना पड़ेगा कि लोकतंत्र अब अपने मूल अर्थ से कहीं न कहीं दूर जा रहा है। लोकतंत्र का अस्तित्व संसद के शोर में है, उसकी चुप्पी … [Read more...] about लोकतंत्र की सेहत पर सवाल, बढ़ता मौन गहरी चिंता पैदा करता है
अर्थव्यवस्था को गति देने वाला कदम, नए श्रम सुधार से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ये नई श्रम संहिताएं वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये परिवर्तन श्रमिकों और उद्यमियों दोनों को सशक्त बनाने के साथ ही एक समृद्ध, समावेशी और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की संस्थागत नींव रखते हैं। गौरव … [Read more...] about अर्थव्यवस्था को गति देने वाला कदम, नए श्रम सुधार से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
ਨਹੀਂ ਰੀਸਾਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ
ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਰੀਸਾਂ ਕਰਨਾ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਧਰਤੀ ਲਈ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ। ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਰੰਗਾਂ, ਸੁਗੰਧਾਂ, ਬੋਲ-ਬਾਣੀ ਅਤੇ ਜੀਵਨ ਢੰਗ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਅਜਿਹਾ ਖਿਚਾਅ ਹੈ ਜੋ ਕਿਤੇ ਹੋਰ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦਾ। Dr. Amarjit Tanda ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਰੀਸਾਂ ਕਰਨਾ ਕਿਸੇ ਹੋਰ ਧਰਤੀ ਲਈ ਸੰਭਵ ਨਹੀਂ। ਇਸ ਮਿੱਟੀ ਦੇ ਰੰਗਾਂ, ਸੁਗੰਧਾਂ, ਬੋਲ-ਬਾਣੀ ਅਤੇ ਜੀਵਨ ਢੰਗ ਵਿੱਚ … [Read more...] about ਨਹੀਂ ਰੀਸਾਂ ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ
आत्मनिर्भर भारत के लिए श्रम सुधार, देश के विकास के लिए अहम कदम
ये श्रम संहिताएं भारत के आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनने की राह में एक बड़ा बदलाव लाने वाला पड़ाव हैं। ये श्रमिक की गरिमा बनाए रखती हैं, औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करती हैं और ऐसा माडल बनाती हैं जहां श्रमिकों के अधिकार और सम्मान की रक्षा होती है। प्रधानमंत्री मोदी के विजन और … [Read more...] about आत्मनिर्भर भारत के लिए श्रम सुधार, देश के विकास के लिए अहम कदम




