08 जून, 2026 – नई दिल्ली : UNSC Kashmir Issue: संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान द्वारा जम्मू-कश्मीर मुद्दा उठाने पर भारत ने कड़ा जवाब दिया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद झूठ और पक्षपातपूर्ण प्रचार का मंच नहीं है। भारत ने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न हिस्सा है।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर भारत ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा। दरअसल, महासभा में पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाकर भारत को घेरने की कोशिश की, लेकिन भारत ने तुरंत कड़ा जवाब देते हुए उसे फटकार लगा दी। भारत ने साफ कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता कोई राजनीतिक प्रचार का मंच नहीं है और इसका इस्तेमाल झूठे और पक्षपातपूर्ण दावे फैलाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने दो टूक कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस सच्चाई को कोई नहीं बदल सकता।
भारत ने पाकिस्तान को कैसे दिया जवाब?
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और इस पर किसी बाहरी टिप्पणी की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सुरक्षा परिषद में अपनी मौजूदगी का गलत इस्तेमाल कर रहा है। भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान लगातार भ्रामक और गलत सूचनाएं फैलाने की कोशिश करता रहा है। हरीश ने कहा कि सुरक्षा परिषद की सदस्यता बहुत बड़ी जिम्मेदारी होती है और इसे झूठे प्रचार का मंच नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने साफ कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।
सुरक्षा परिषद सुधार पर भारत ने क्या कहा?
भारत ने इस मौके पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग भी दोहराई। भारत ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा परिषद आज की दुनिया की वास्तविकता को नहीं दर्शाती। भारत के मुताबिक, 1945 की भू-राजनीतिक स्थिति के आधार पर बनी व्यवस्था अब पुरानी हो चुकी है। भारत ने कहा कि सिर्फ अस्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तार जरूरी है। भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है।
भारत की स्थायी सदस्यता की मांग क्यों अहम है?
भारत, ब्राजील, जर्मनी और जापान के समूह जी4 ने सुरक्षा परिषद के विस्तार का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव के तहत मौजूदा 15 सदस्यीय परिषद को बढ़ाकर 25 या 26 सदस्य करने की मांग की गई है। भारत का कहना है कि दुनिया की बदलती ताकत और वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र में बड़े सुधार जरूरी हैं। भारत ने साफ संकेत दिया कि अब वैश्विक संस्थाओं को वर्तमान समय के हिसाब से बदलना होगा। वहीं पाकिस्तान को दिए गए भारत के जवाब को कूटनीतिक स्तर पर मजबूत और सख्त संदेश माना जा रहा है।
अमर उजाला