अब भी आतंकियों का गढ़, भारत निशाने पर; लश्कर और जैश सक्रिय
30 मार्च, 2026 – नई दिल्ली : अमेरिकी कांग्रेस के शोध संस्थान (CRS) की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान भारत में आतंक फैलाने वाले समूहों का सुरक्षित गढ़ बना हुआ है। लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसी आतंकी संस्थाएं यहां सक्रिय हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में कई समूह 1980 के दशक से सक्रिय हैं और ज्यादातर इस्लामी चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित हैं।
भारत की ओर से सैन्य कार्रवाइयों के बावजूद पाकिस्तान अब भी आतंकी संगठनों का गढ़ बना हुआ है। वह उन्हें सुरक्षित पनाह दे रहा है। अमेरिकी संसद कांग्रेस के शोध संस्थान (CRS) की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान भारत में जम्मू-कश्मीर समेत कई हिस्सों में वारदात की साजिश रचने वाले संगठनों को शह दे रहा है। यह रिपोर्ट आतंकवाद पर भारत के दावे का समर्थन करती है। रिपोर्ट में प्रमुखता के साथ उजागर किया गया है कि वर्षों के सैन्य अभियानों और नीतिगत उपायों के बावजूद, आतंकी समूह पाकिस्तान की धरती पर गतिविधियां जारी रखे हैं।
2008 के मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार लश्कर-ए-ताइबा और 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले से जुड़ा आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद पाकिस्तान में सक्रिय है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में कुछ आतंकी संगठन 1980 के दशक से अस्तित्व में हैं।
इस्लामी चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित है पाकिस्तानी आतंकी समूह
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के ज्यादातर आतंकी समूह इस्लामी चरमपंथी विचारधारा से प्रेरित हैं। ये समूह पांच व्यापक श्रेणियों में आते हैं- वैश्विक स्तर पर केंद्रित, अफगानिस्तान-केंद्रित, भारत और कश्मीर-केंद्रित, घरेलू स्तर पर केंद्रित और सांप्रदायिक संगठन। इस्लामिक स्टेट के सहयोगी इस्लामिक स्टेट-खुरासान में करीब 6,000 आतंकी हैं और यह अफगानिस्तान और पाकिस्तान में सक्रिय है।
भारत में कई हमलों के लिए लश्कर जिम्मेदार
रिपोर्ट के मुताबिक, लश्कर-ए-ताइबा को अमेरिका ने 2001 में विदेशी आतंकी संगठन घोषित किया था। इसके सरगना हाफिज सईद ने प्रतिबंधों से बचने के लिए समूह का नाम बदलकर जमात-उद-दावा कर दिया। यह भारत में कई हमलों के लिए लश्कर जिम्मेदार है।
15 से अधिक आतंकी गुट सक्रिय
रिपोर्ट में पाकिस्तान के 15 आतंकी समूहों की सूची दी गई है। इनमें से 12 को अमेरिकी कानून के तहत विदेशी आतंकी संगठन (FTO) घोषित किया गया है। पाकिस्तान को 2003 से घरेलू आतंकवाद से काफी नुकसान हुआ है।
अमर उजाला