गोशालाओं की दुर्दशा पर पर पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट
चंडीगढ़ की गोशालाओं में भीषण सर्दी के बावजूद गोवंश को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है, जबकि अधिकारियों के दफ्तरों में हीटर चल रहे हैं। रायपुर कलां में गायों की मौत के बाद निरीक्षण में मलोया और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की गोशालाओं में गंभीर लापरवाही सामने आई। डिप्टी मेयर और चीफ सेक्रेटरी ने दौरा कर सुधार के निर्देश दिए, जिसमें स्टाफ रोस्टर और चारे की जानकारी प्रदर्शित करना शामिल है।
16 जनवरी, 2026 – चंडीगढ़ : सर्दी से बचने के लिए दफ्तरों में ब्लोअर और हीटर चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों के रूम में ब्लोअर चलते हैं और भी तरह-तरह के उपाय किए जाते हैं।
वहीं गोशालाओं में गोवंश भयंकर सर्दी के बीच खुले आसमान के नीचे सांसें गिन रहा है। अधिकतर गोशालाओं में गोवंश को सर्दी से बचाने के इंतजाम नहीं हैं। खासतौर पर मलोया और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 की गोशाला में रखरखाव की गंभीर लापरवाही सामने आई शेड भी ऐसे हैं जो बारिश से तो बचा सकते हैं।
लेकिन हवा इनमें खुली आती है। ऊपर से बाड़े में जमा गोमूत्र औरगोबर नहीं उठने से यह उसमें खड़ी होने को मजबूर हैं, जिससे ठंड और बढ़ जाती है।
सर्दी से बचने के किसी तरह के इंतजाम नहीं किए गए हैं। चारे के नाम पर भी केवल सूखा भूसा इन्हें खिलाया जा रहा है। रायपुर कला में गायों की मौत के बाद वीरवार को अलग-अलग गोशाला के निरीक्षण पर यह मंजर सामने आया जो गोशाला नगर निगम खुद चला रहा है उन सबकी हालत दयनीय है।
जबकि इनके संचालन प्रबंधन पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं। दूसरी ओर सेक्टर-25 और 45 की गोशाला संस्था चला रही हैं। इनमें हालात फिर भी काफी ठीक हैं।
यहां ठंड से बचने के उचित इंतजाम से लेकर चारे की भी पर्याप्त मात्रा और विकल्प मौजूद हैं। खास बात है कि यह संस्था बिना सरकारी मदद अपने स्तर पर सभी व्यवस्था कर रही हैं जबकि निगम सालाना करोड़ों खर्च कर रहा है।
चारे पर झपटी गाय
डिप्टी मेयर तरुणा मेहता और आम आदमी पार्टी पार्षद प्रेमलता भी वीरवार को इन गोशालाओं में रखरखाव देखने पहुंचे। उन्होंने गंभीर लापरवाही पर गहरी चिंता जताई। रायपुर कलां मामले के बाद वीरवार को सभी गोशालाओं में स्टाफ दिखा सूखा चारा डालने पर ही गाय इस तरह से झपट रही थी जैसे उन्हें इससे पहले भरपेट चारा कभी मिला ही नहीं। लोगों की तरफ भी ऐसे निहारती जैसे कोई खाने का सामान रहे हैं।
शेड हवा रोकते ही नहीं
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में बनी दोनों गोशाला, मलोया में गायों की संख्या क्षमता से अधिक मिली। साथ ही जो शेड बने हैं, वह कवल बरसात से बचा सकते हैं। अलग-अलग दिशाओं से आने वाली हवा सीधी प्रवेश करती है। शीतलहर के प्रकोप में गाय मुश्किल से समय काट रही है। खासकर उनके बछड़ं की हालत बेहद खराब है।
स्टाफ ड्यूटी रोस्टर बोर्ड पर करो प्रदर्शित: चीफ सेक्रेटरी
चीफ सेक्रेटरी एच राजेश प्रसाद ने निर्देश दिए कि गोशालाओं में तैनात सभी कर्मचारियों, पशु चिकित्सकों सहित स्टाफ का विवरण और उनकी दैनिक ड्यूटी रोस्टर बोर्ड पर प्रदर्शित किया जाए।
साथ ही हरे और सूखे चारे की दैनिक उपलब्धता और खपत की जानकारी के लिए अलग-अलग सूचना बोर्ड लगाने चीफ सेक्रेटरी एवं राजेश प्रसाद ने अधिकारियों के साथ अलग- के भी आदेश दिए गए।
उन्होंने सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था को सख्ती से लागू करने और नियमित समीक्षा के निर्देश देते हुए गोशालाओं को हर समय स्वच्छ रखने पर जोर दिया। इसके अलावा परिसर के असमतल हिस्सो को उचित ढलान के साथ समतल करने के निर्देश भी दिए गए. ताकि जल निकासी और स्वच्छता बनी रहे। अभी कई जगह ढलान नहीं होने से जमा मल-मूत्र में ही गाय खड़ी हो रही है।
दैनिक जागरण