10 महीने बाद भी मरम्मत नहीं कर पाया पाकिस्तान
मई 2025 में भारतीय वायुसेना के ऑपरेशन सिंदूर के तहत मुरीद एयरबेस पर हुए हमले का असर 10 महीने बाद भी बरकरार है। सैटेलाइट इमेज से पता चला है कि पाकिस्तान हमले से क्षतिग्रस्त कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की मरम्मत नहीं कर पाया।
11 मार्च, 2026 – नई दिल्ली : भारत-पाकिस्तान के बीच मई 2025 में हुए संघर्ष के दौरान भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के कई एयरबेस पर सटीक हमले किए थे। इनमें चकवाल के पास स्थित पाकिस्तान एयर फोर्स का प्रमुख मुरीद एयरबेस भी शामिल था।
अब लेटेस्ट सैटेलाइट तस्वीर से पता चला है कि भारत के हमले से क्षतिग्रस्त कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की मरम्मत पाकिस्तान पूरी तरह नाकाम रहा है। फरवरी 2026 की तस्वीरों में इमारत पूरी तरह ध्वस्त दिख रही है।
हमले का असर गहरा, मरम्मत की कोशिशें विफल
एनडीटीवी की पुरानी रिपोर्ट के अनुसार, सैटेलाइट इमेजरी एनालिस्ट डेमियन साइमन ने कहा कि हालिया इमेज से साफ है कि इमारत पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। फरवरी 28 की वैंटोर इमेज में इमारत के बीच वाले हिस्से पर तिरपाल हटने के बाद गुलाबी-लाल मलबा और खुली जमीन दिख रही है।
यह मरम्मत की बजाय ढहने या तोड़ने जैसा लगता है। हमले के लगभग 10 महीने बाद भी लंबे समय तक असर साफ नजर आ रहा है।
पेनेट्रेटर मुनिशन से गहरा नुकसान
10 मई 2025 को सुबह 2 से 5 बजे के बीच भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 10 एयरबेस पर हमले किए। मुरीद में कमांड-एंड-कंट्रोल बिल्डिंग को निशाना बनाया गया, जो ड्रोन ऑपरेशंस का केंद्र था।
तस्वीर में छत में छेद दिखा जा सकता है, जो पेनेट्रेटर वारहेड्स के इस्तेमाल होता है। ये मिसाइल राफेल फाइटर से लॉन्च की गईं थी, जो मजबूत कंक्रीट को भेदकर अंदर विस्फोट करती हैं।
मरम्मत की कोशिशें असफल
हमले के तुरंत बाद मई 10 की इमेज में नुकसान साफ था। जिसे जून 2025 तक हरे तिरपाल से ढक दिया गया। दिसंबर 2025 में लाल तिरपाल और कंस्ट्रक्शन मेश से पूरी इमारत ढक दी गई, जो मरम्मत शुरू होने का संकेत था।
लेकिन अब फरवरी 2026 की इमेज में साफ है कि मरम्मत नाकाम रही। साइमन के अनुसार, हमले से इमारत की आंतरिक संरचना बुरी तरह प्रभावित हुई, जिससे इसे सुरक्षित नहीं माना गया और तोड़ना पड़ा।
अंडरग्राउंड फैसिलिटी पर भी हमला
मुरीद में अंडरग्राउंड फैसिलिटी के प्रवेश द्वार के 30 मीटर दूर 3 मीटर चौड़ा क्रेटर दिखा था। यह ड्रोन या स्पेशल इक्विपमेंट स्टोरेज का हिस्सा माना जाता है।
यह घटना भारत की सटीक स्ट्राइक की ताकत दिखाती है, जबकि पाकिस्तान को मरम्मत में भारी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति पर नजर बनी हुई है।
दैनिक जागरण