तीन अस्पतालों समेत 8 पर दर्ज की FIR; CBI के हत्थे चढ़े मास्टरमाइंड
CBI ने चंडीगढ़ में एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूट्री हेल्थ स्कीम (ECHS) के तहत बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है। मंथन हेल्थ केयर, धर्म अस्पताल और केयर पार्टनर हार्ट सेंटर सहित आठ के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया है।
04 अप्रैल, 2026 – चंडीगढ़ : शहर में एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूट्री हेल्थ स्कीम (ECHS) के तहत चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का CBI ने पर्दाफाश कर दिया है। CBI ने सेक्टर-38 के मंथन हेल्थ केयर, सेक्टर-15 के धर्म अस्पताल और सेक्टर-19 के केयर पार्टनर हार्ट सेंटर समेत आठ के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज कर ली है।
CBI को जांच के दौरान पता चला है कि इस पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड मंथन हेल्थ केयर के डायरेक्टर डॉ. विकास शर्मा और डॉ. रिंपल गुप्ता थे। यह हेल्थ सेंटर खुद ECHS के दायरे में नहीं आता था, इसलिए इनके निदेशकों ने मोटी कमाई के लालच में अन्य अस्पतालों को भी अपने गिरोह का हिस्सा बनाया।
यह हेल्थकेयर सेंटर मरीजों का फर्जी रिकॉर्ड बनाते और ECHS के तहत मेडिकल रिइंबर्समेंट क्लेम हासिल कर मोटी कमाई कर रहे थे। CBI ने वीरवार को इन सेंटरों पर रेड मारकर यहां से काफी रिकॉर्ड जुटाया। FIR में केयर पार्टनर हार्ट सेंटर के बिल क्लर्क मंजीत सिंह और मंथन हेल्थ सेंटर के बिल क्लर्क प्रवीण कुमार के भी नाम हैं।
इनके अलावा ECHS पाली क्लीनिक व रीजनल सेंटर के अज्ञात अधिकारियों को भी आरोपित बनाया गया है। CBI के मुताबिक इन हेल्थ केयर सेंटर्स ने एक संगठित गिरोह बनाया हुआ था जहां मिलीभगत से मरीजों की इमरजेंसी एडमिशन, रेफर प्रक्रिया में हेरफेर, फर्जी मेडिकल और डायग्नोस्टिक रिकॉर्ड तैयार किए जाते थे। इसके अलावा दवाओं के बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर सरकार से क्लेम लिया जा रहा था।
यह अस्पताल भी CBI के रडार पर
CBI के रडार पर अब अमर अस्पताल, शेल्बी अस्पताल, वनएच मेड पार्क, मोहाली, ईडन क्रिटिकल केयर अस्पताल भी आ गए हैं। इनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। CBI ने सबसे पहले 24 फरवरी 2026 को मंथन हेल्थ केयर और धर्म अस्पताल पर विजिलेंस अधिकारियों की मौजूदगी में रेड की थी।
यहां से कई मरीजों की फाइलें, रेफरल दस्तावेज, वॉट्सऐप चैट, खाली लेटरहेड, अस्पताल की मुहरें, डिजिटल सिग्नेचर सामग्री और स्टोरेज डिवाइस बरामद किए थे। यह रिकार्ड 2018 से 2026 की अवधि का है जिससे पता चलता है कि यह फर्जीवाड़ा कई सालों से चल रहा था।
एग्रीमेंट में मिले कमीशन के सुबूत
CBI के जांच के दौरान मंथन हेल्थ केयर और धर्म अस्पताल के बीच हुआ एक एग्रीमेंट मिला है। हालांकि इस पर किसी के साइन नहीं हैं। इस एग्रीमेंट के मुताबिक घोटाले की रकम इन अस्पतालों में आधी-आधी बांटी जाती थी। CBI अब इस मामले में ECHS के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है और जल्द ही उनके नाम भी एफआइआर में शामिल कर लिए जाएंगे।
एक ही नाम के मरीज बार-बार दाखिल हुए
CBI को जांच में पता चला कि एक ही नाम के मरीजों को बार-बार दाखिल करवा दिया जाता था, ताकि उनके नाम से क्लेम लिया जा सके। CBI को हेमादेवी, बलदेव राम, टेक चंद और संध्या देवी नाम के मरीजों का रिकार्ड मिला, जिन्हें बार-बार व अलग-अलग अस्पतालों में दाखिल किया जाता था। CBI के मुताबिक धर्म अस्पताल व केयर पार्टनर हार्ट सेंटर का ECHS डेस्क इस फर्जीवाड़े में इस्तेमाल होता था जिसका संचालन मंथन हेल्थ केयर से हो रहा था।
दैनिक जागरण