भाजपा से मिलीभगत का लगाया आरोप
आप ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस के बिना शर्त समर्थन को ठुकरा दिया है। आप प्रभारी जरनैल सिंह ने कांग्रेस पर भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया, जिसके बाद इंटरनेट मीडिया पर दोनों दलों में तीखी बहस छिड़ गई। कांग्रेस ने आप को भाजपा की ‘बी टीम’ बताया। यह विवाद आगामी निगम चुनावों के लिए रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें आप कांग्रेस पर निशाना साध रही है।
07 जनवरी, 2026 – चंडीगढ़ : मेयर चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा किए कांग्रेस को 24 घंटे भी नहीं गुजरे हैं। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच इंटरनेट मीडिया पर वार शुरू हो गई है। आप ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए उसकी भाजपा के साथ साठगांठ बता दी है।
एक तरह से कांग्रेस के समर्थन को भी आप ने ठोकर मार दी है। शहर पहुंचे आप चंडीगढ़ प्रभारी जरनैल सिंह ने एक्स पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खरगे की हाथ मिलाते फोटो साझा कर हमला बोला। जरनैल सिंह ने लिखा कि एक तरफ कट्टर विरोधी बनने का दिखावा, दूसरी ओर सत्ता में साझेदारी।
चंडीगढ़ में भाजपा का मेयर होना और कांग्रेस के पास सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर के पद होना दोनों की अंदरूनी मिलीभगत का साफ और मजबूत सुबूत है। सरदार जरनैल सिंह ने लिखा कि दोनों की यह नूरा कुश्ती सब देख रहे हैं। देश अब इस फर्जी लड़ाई और नाटक को समझ चुका है। यह खेल अब ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाला।
कांग्रेस का पलटवार
आप प्रभारी के बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने पलटवार करते हुए लिखा कि जब 2024 में मेयर आप का और सीनियर डिप्टी मेयर व डिप्टी मेयर भाजपा के बने थे तब कौन सी कुश्ती खेली जा रही थी। कांग्रेस नहीं आप भाजपा की बी टीम है। उनके पार्षदों ने ही भाजपा मेयर बनवाए।
आप का जवाब
आप ने एक्स पर कांग्रेस अध्यक्ष से पूछा उनका 2022 और 2023 में मेयर चुनाव का बायकाट करने का क्या कारण था जिससे भाजपा के मेयर दोनों साल लगातार बने। क्या दोनों के बीच कोई गोपनीय डील हुई थी। चंडीगढ़ की जनता यह जानना चाहती है।
मेयर नहीं आप ने शुरू की निगम चुनाव की लड़ाई
कांग्रेस के बिना शर्त समर्थन के अगले ही दिन आप प्रभारी का इस तरह से एक्स पर हमला करना सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। उनकी नजर मेयर की कुर्सी पर इस बार नहीं है। नंबर भी पर्याप्त नहीं हैं उन्हें पता है कि भाजपा मेयर तो बना ही लेगी फिर चाहे कांग्रेस का साथ क्यों न हो। इसलिए उन्होंने मेयर कुर्सी दांव पर लगाकर साल के आखिर में होने वाले निगम चुनाव के लिए ग्राउंड तैयार करना शुरू कर दिया है।
कांग्रेस ने मेयर चुनाव में भले समर्थन किया साथ ही निगम चुनाव में अलग मैदान में उतरने की घोषणा की थी। इस वजह से अगर कांग्रेस के समर्थन से आप मेयर बनाती है तो भाजपा दोनों को एक ही बताएगी। आप कमजोर होगी। अब मेयर पद नहीं भी मिलता है तो आप कांग्रेस पर निशाना साधती रहेगी।
राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस आप के आगे घुटने टेक चुकी है। बिना मांगे ही समर्थन दिया जा रहा है। पंजाब में दोनों एक दूसरे को गाली दे रहे हैं। भाजपा को नीचा दिखाने के चक्कर में चंडीगढ़ के नेताओं ने कांग्रेस को बहुत नीचे गिरा दिया है। वह यह भूल गए के कांग्रेस बड़ा दल है। भाजपा मेयर ने एक वर्ष में इतने विकास कार्य कराए कि अब यह बौखला गए हैं। दोनों मिलकर भी भाजपा को नहीं हरा सकते तो अब निगम चुनाव के लिए नौटंकी शुरू कर दी है। जनता जानती है यह दोनों एक ही हैं। -देवेंद्र सिंह बबला, उपाध्यक्ष, भाजपा।
दैनिक जागरण