पश्चिम एशिया संकट के भारत पर संभावित प्रभावों पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ वर्चुअल बैठक की। उन्होंने आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती पर जोर दिया।
28 मार्च, 2026 – नई दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट के भारत पर संभावित प्रभाव को देखते हुए पहले से ही केंद्र सरकार उससे निपटने के प्रयासों में जुटी हुई है।
आपदा की स्थिति में राज्यों के साथ मिलकर साझा प्रयासों और एकजुट रणनीति पर बार-बार जोर दे रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों (चुनावी राज्यों को छोड़कर) के साथ वर्चुअल बैठक की।
पीएम ने आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा, नागरिक हितों की रक्षा, उद्योग और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए राज्यों को भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए और मुख्यमंत्रियों से उनकी तैयारियों का जायजा लेने के साथ ही उनके सुझाव भी सुने।
कोरोना महामारी के समय अपनाई गई केंद्र और राज्यों की सामूहिक रणनीति को दोहराते हुए पीएम ने कहा कि भारत के पास इसी तरह के वैश्विक संकट से निपटने का पूर्व अनुभव है। चुनौती से निपटना साझा जिम्मेदारी है और टीम इंडिया के रूप में काम करते हुए भारत इस स्थिति पर भी काबू पा लेगा।
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट पर मुख्यमंत्रियों से चर्चा की
केंद्र की तैयारियों की जानकारी देते हुए पीएम ने कहा कि इन अस्थिर परिस्थितियों में निरंतर निगरानी और अनुकूल रणनीतियों की आवश्यकता है। इसके लिए एक अंतर-मंत्रालयी समूह तीन मार्च से काम कर रहा है, जो दैनिक आधार पर स्थिति की समीक्षा कर रहा है और समय पर निर्णय ले रहा है। वहीं, राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि निर्णयों का प्रभावी कार्यान्वयन राज्य स्तर पर होता है।
प्रधानमंत्री ने राज्यों से आपूर्ति श्रृंखलाओं के सुचारु कामकाज को सुनिश्चित करने सहित जमाखोरी और मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कदम उठाने का आग्रह किया। राज्य और जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष संचालित करने और प्रशासनिक सतर्कता बनाए रखने का सुझाव दिया।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में विशेष रूप से उर्वरक भंडारण और वितरण की निगरानी के लिए एडवांस प्ला¨नग की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि आगामी खरीफ सीजन के दौरान किसानों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
गलत सूचना, अफवाहों और धोखाधड़ी से रहें सतर्क
पीएम मोदी ने गलत सूचना और अफवाहों के प्रति राज्यों को आगाह करते हुए कहा कि घबराहट को रोकने के लिए सटीक और विश्वसनीय जानकारी का समय पर प्रसार आवश्यक है।
ऑनलाइन धोखाधड़ी और फर्जी एजेंटों के खिलाफ सतर्कता बरतने की भी सलाह दी। साथ ही जनता का विश्वास बनाए रखने के महत्व को रेखांकित किया और कहा कि आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता के संबंध में आश्वासन से नागरिकों के बीच अनावश्यक घबराहट को रोकने में मदद मिलेगी।
सुझाव दिया कि जिन राज्यों के नागरिक पश्चिम एशिया में हैं, उन राज्यों को हेल्पलाइन शुरू करते हुए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति करनी चाहिए और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए जिला-स्तरीय सहायता प्रणाली स्थापित करनी चाहिए।
सरकार संकट से निपटने के लिए सक्रिय रूप से कर रही काम: राजनाथ
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार इस संकट से निपटने के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सक्रिय रूप से काम कर रही है। एलपीजी की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने, पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क को कम करने जैसे सकारात्मक कदम उठा रही है।
उन्होंने भी मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र से सामूहिक कार्यवाही की आवश्यकता पर जोर दिया। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन ने वर्तमान स्थिति पर एक प्रस्तुति दी और स्थिति से निपटने के लिए राज्यों के कदमों और सिफारिशों को गिनाया। वहीं, मुख्यमंत्रियों ने ईंधन पर उत्पाद शुल्क कम करने के फैसले का स्वागत किया।
सरकार ने राजनाथ की अगुआई में मंत्रियों का समूह बनाया
पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण उत्पन्न मुद्दों पर विचार करने के लिए सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुआई में मंत्रियों का एक अनौपचारिक समूह गठित किया है।
सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी इस अनौपचारिक मंत्री समूह के सदस्यों में शामिल हैं।
दैनिक जागरण