मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार ने दी जानकारी
सरकार ने बताया कि देश में घरेलू उपभोक्ताओं और CNG परिवहन के लिए 100% प्राकृतिक गैस उपलब्ध है, और लगभग 95% LPG बुकिंग ऑनलाइन हुई है। पेट्रोल-डीजल का भी पर्याप्त भंडार है।
31 मार्च, 2026 – नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने सोमवार को बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं और CNG ट्रांसपोर्ट के लिए 100 प्रतिशत प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, लगभग 95 प्रतिशत LPG बुकिंग आनलाइन की गई है।
यहीं नहीं, देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि देश में वर्तमान मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त ईंधन भंडार उपलब्ध हैं।
देश में पेट्रोल, डीजल और LPG का पर्याप्त भंडार मौजूद
उन्होंने कहा, ‘हमारी रिफाइनरियां पूरी तरह संचालन में हैं और कच्चे तेल का भी पर्याप्त भंडार है। हालांकि, कुछ जगह पर लोग घबराकर भी खरीदारी कर रहे हैं।’ सरकार ने घरेलू स्थिरता बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं जिनमें पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये की कमी भी शामिल है।
शर्मा ने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क के विस्तार की जानकारी देते हुए कहा कि रक्षा मंत्रालय सहित कई केंद्रीय मंत्रालयों ने अपने आवासीय क्षेत्रों और यूनिटों में PNG लगाने की पहल की है। उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में LPG गैस की लगभग 1.40 करोड़ बुकिंग की गई हैं, जिनमें से 92 लाख सिलिंडर भी वितरित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वाणिज्यिक LPG की उपलब्धता को लगभग 70% बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी वितरक पर गैस की कमी नहीं है।
कालाबाजारी रोकने हेतु छापेमारी, घबराहट में खरीदारी से बचें
शर्मा ने बताया कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में छापेमारी जारी है। लगभग 2,500 जगह छापेमारी की गई और करीब 2,000 सिलिंडर जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त वितरकों को लगभग 500 कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए। शर्मा ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे केवल आवश्यकतानुसार ईंधन खरीदें। घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करें।
प्रेट्र के अनुसार, केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के चलते LPG की आपूर्ति में बाधा की वजह से उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केरोसिन के वितरण की 60 दिनों के लिए अस्थायी अनुमति दी है जो पहले ही केरोसिन मुक्त क्षेत्र घोषित किए जा चुके हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि खाना पकाने में किसी को दिक्कत न आए। लोग LPG के विकल्प के तौर पर केरोसिन का इस्तेमाल कर सकें।
दैनिक जागरण