लोकसभा में बोले कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान
सरकार ने दावा किया है कि पिछले दशक में किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, कुछ मामलों में यह आठ गुना तक बढ़ी है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में बताया कि नवाचार और फसल विविधीकरण अपनाने वाले किसानों को अधिक लाभ हुआ।
25 मार्च, 2026 – नई दिल्ली : सरकार ने दावा किया है कि पिछले एक दशक में किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कुछ मामलों में यह तीन से चार गुना तक बढ़ी है। कुछ उदाहरण ऐसे भी हैं, जहां आय आठ गुना तक बढ़ने की बात सामने आई है। हालांकि वैसे किसानों ने ज्यादा आय अर्जित की है जिन्होंने परंपरागत खेती को छोड़कर नवाचार का सहारा लिया और फसल विविधिकरण को प्राथमिकता दी।
किसानों की आय में आठ गुना तक वृद्धि का दावा
लोकसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्पष्ट किया कि सरकार की नीतियों का असर कृषि क्षेत्र पर पड़ा है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लागत से 50 प्रतिशत अधिक तय करने का निर्णय किसानों के हित में बड़ा कदम साबित हुआ है।
विपक्ष के कई सदस्यों की ओर से सवाल था कि सरकार ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी होने की बात कही थी लेकिन ऐसा क्यों नहीं हुआ है। शिवराज ने अपने जवाब में सरकार की ओर से उठाए जिन किसानों ने पारंपरिक अनाज उत्पादन से हटकर बागवानी, दलहन, तिलहन या अन्य नकदी फसलों की ओर रुख किया, उनकी आय में अपेक्षाकृत अधिक वृद्धि हुई है।
नवाचार, फसल विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ी
यह संकेत देता है कि नीति का प्रभाव तभी अधिक होता है जब किसान नवाचार अपनाने में सक्षम हों। हालांकि बड़ी संख्या में छोटे किसान अभी भी नवाचार से बहुत दूर हैं। किसानों को उचित मूल्य दिलाने में पीएम-आशा और भावांतर जैसी योजनाएं वैकल्पिक सुरक्षा प्रदान करती हैं। इनका उद्देश्य बाजार मूल्य और MSP के बीच के अंतर को भरना है, जिससे किसानों को न्यूनतम आय सुनिश्चित हो सके।
हालांकि, इन योजनाओं का प्रभाव उनके क्रियान्वयन और राज्यों की सक्रियता पर निर्भर करता है। सभी राज्यों में इनका समान प्रभाव नहीं दिखता। जल्दी खराब होने वाली फसलों के लिए मार्केट इंटरवेंशन स्कीम एक बड़ी पहल है, जो किसानों को तत्काल राहत देने का प्रयास करती है, लेकिन इसकी पहुंच और समयबद्धता अक्सर चुनौती बनी रहती है।
MSP किसानों के लिए महत्वपूर्ण
परिवहन लागत वहन करने जैसी पहलें बाजार तक पहुंच बढ़ाने में सहायक हो सकती हैं, पर इनके प्रभाव का दायरा अभी सीमित है।उत्पादन वृद्धि को देखें तो स्पष्ट है कि बेहतर बीज, ¨सचाई सुविधाओं का विस्तार और तकनीक के उपयोग ने कृषि क्षेत्र को गति दी है।
बाजार में उचित मूल्य और बिक्री की गारंटी भी अधिक निर्णायक होते हैं। इसी संदर्भ में MSP को लागत से 50 प्रतिशत अधिक तय करने की नीति को सरकार ने बड़ा कदम बताया है। फसल बीमा में किए गए बदलाव छोटे किसानों के लिए राहतकारी माने जा सकते हैं। व्यक्तिगत स्तर पर नुकसान के आकलन की व्यवस्था ने जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाया है।
दैनिक जागरण