CBIC चेयरमैन ने बताई पूरी बात
पश्चिम एशिया संकट और ईरान युद्ध के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ेंगे। सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है।
28 मार्च, 2026 – नई दिल्ली : पश्चिम एशिया संकट की वजह से अमेरिका, यूरोप से लेकर दुनिया के तमाम देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम में 30-50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है, लेकिन भारत में फिलहाल आम उपभोक्ता के लिए पेट्रोल व डीजल की कीमत नहीं बढ़ने जा रही है। उपभोक्ता को इस बढ़ोतरी से बचाने के लिए सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए प्रति लीटर की कटौती का फैसला किया है।
आसमान छूती कच्चे तेल की कीमत
ईरान युद्ध की वजह से पिछले एक माह में कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 122 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए हैं। फिर भी पुरानी दर पर ही ऑयल कंपनियां पेट्रोल व डीजल की बिक्री कर रही है। इससे उन्हें रोजाना 2400 करोड़ का नुकसान हो रहा है। केंद्र सरकार की तरफ से एक्साइज ड्यूटी में कटौती से ऑयल कंपनियों के 30-40 प्रतिशत नुकसान की भरपाई हो सकेगी।
दूसरी तरफ, सरकार ने घरेलू स्तर पर डीजल व विमान ईंधन एयर टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की उपलब्धता को बढ़ाने के लिए इनके निर्यात पर अतिरिक्त टैक्स लगा दिया है।
डीजल के निर्यात पर अब 21.5 रुपए प्रति लीटर तो एटीएफ के निर्यात पर 29.5 रुपए प्रति लीटर का अतिरिक्त टैक्स लगेगा। इससे इन वस्तुओं का निर्यात हतोत्साहित होगा और घरेलू स्तर पर इनकी उपलब्धता बढ़ेगी। दोनों ही टैक्स में होने वाले बदलाव को लागू कर दिया गया है। भारतीय ऑयल कंपनियां बड़े पैमाने पर पेट्रोलियम पदार्थों का निर्यात भी करती है।
CBIC चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी का बयान
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती से सरकार को अगले 15 दिनों में 7000 करोड़ रुपए का नुकसान होगा। वहीं डीजल व एटीएफ के निर्यात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने से सरकार को 15 दिनों में 1500 करोड़ रुपए की प्राप्ति होगी।
15 दिनों के बाद फिर से स्थिति की समीक्षा की जाएगी और दरों को रिवाइज किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद रियल टर्म में अब पेट्रोल पर 21.90 रुपए प्रति लीटर की जगह 11.90 रुपए का ड्यूटी रह गया। डीजल पर 17.80 रुपए प्रति लीटर से घटकर यह ड्यूटी 7.80 रुपए प्रति लीटर रह गया।
वर्ष 2022 के अप्रैल माह के बाद से पेट्रोल व डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है जबकि पिछले साल अप्रैल में एक्साइज ड्यूटी में दो रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। गत 28 फरवरी को ईरान युद्ध के आरंभ होने के बाद कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने से कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
दैनिक जागरण