गांव में 20 युवाओं की मौत, चार सगे भाइयों ने भी तोड़ा दम
कपूरथला के सुल्तानपुर लोधी में नशे का कहर जारी है, जहां मोहल्ला पंडोरी की एक मां ने अपने चार बेटों को खो दिया है और पांचवां बेटा भी जिंदगी-मौत से जूझ रहा है।
08 अप्रैल, 2026 – कपूरथला : सुल्तानपुर लोधी के मोहल्ला पंडोरी की एक मां के चार बेटों को नशे ने लील लिया और पांचवां भी जिंदगी और-मौत के बीच झूल रहा है। एक-एक करके मां-बाप की आंखों के सामने बेटे काल के गाल में समाते गए, लेकिन इस मां की चीखे अंत तक झकझोर रही हैं। केवल यही नहीं, माेहल्ले में नशे ने और भी युवाओं को मौत की नींद सुलाया है।
अब तो मोहल्ले के लोग इतने दुखी हैं कि इस नशे के कोहड़ से बचाने कोई तो मदद को आगे आए। रविवार को मोहल्ले की महिलाओं के पिट स्यापे और रो-रोकर सुनाई आपबीती की गूंज सीएम दरबार तक पहुंची गई है। मीडिया के जरिये मामला तूल पकड़ने के बाद अब जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मोहल्ले में सुबह से सर्च आपरेशन चल रहा है।
बाबा नानक की नगरी में थाने की दीवार से सटे मोहल्ला पंडोरी की दर्दनाक तस्वीरे नशे के नाश के दावों पर जहां गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं माताओं की चीखें और उजड़े परिवारों की कहानियां इस बात की गवाही दे रही हैं कि नशे की जड़े बेहद गहरी हैं। अब लोगों का गुस्सा ऐसा फूटा कि उनको दर्द बयां करने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा।
सरेआम पुड़ियां पकड़ा जाते हैं तस्कर
मोहल्ले की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि नशे का कारोबार न केवल खुलेआम जारी है, बल्कि अब यह पुलिस थानों के आसपास तक पहुंच चुका है।
उनका कहना है कि तस्कर मुंह ढककर मोटरसाइकिलों पर आते हैं और खुलेआम ‘चिट्टे’ की पुड़िया देकर फरार हो जाते हैं। सबसे दिल दहला देने वाली कहानी एक मां की है, जिसने नशे के कारण अपने चार बेटों को खो दिया है। उसकी आंखों में आंसू और आवाज में दर्द साफ झलकता है।
चार बेटे को खो चुकी मां
रविवार के प्रदर्शन में शामिल इसी मोहल्ले के दंपति जोगिंदर पाल सिंह और उनकी पत्नी मनजीत कौर ने कहा कि नशे की वजह से मैं अपने चार बेटों जसविंदर सिंह, बलविंदर सिंह, मिथुन और रवि खो चुकी हूं।
इनमें 2 शादीशुदा और 2 कुंवारे थे। अब 32 साल का 5वां बेटा सोनू भी बिस्तर पर पड़ा है। हमें डर है कि अब इसकी भी मौत हो जाएगी। रुद्धन भरे स्वर में उसने बताया कि “मैं पांच बेटों की मां हूं… चार को नशे ने मुझसे छीन लिया… और पांचवां भी बिस्तर पर पड़ा है… डॉक्टरों ने भी जवाब दे दिया है।” यह दर्द सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है। मोहल्ले की कई महिलाओं ने सामने आकर अपनी आपबीती सुनाई हैं। किसी ने दो बेटों को खोया, किसी ने तीन तो किसी का इकलौता सहारा भी नशे की भेंट चढ़ चुका है।
प्रदर्शन में शामिल दुखी महिलाओं के गंभीर आरोप
मोहल्ले की महिलाओं ने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इलाके में नशा आज भी सरेआम बिक रहा है। तस्कर बेखौफ होकर पुलिस स्टेशन के आसपास ही नशा बेच रहे हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे “नशे के खिलाफ युद्ध” का जमीनी स्तर पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा। एक अन्य बेबस मां ने अपने छोटे-छोटे पोतों की ओर इशारा करते हुए प्रशासन से गुहार लगाई, “हमारे बेटे तो चले गए, अब कम से कम इन मासूमों को बचा लो।”
महिलाओं का कहना है कि जब ‘बाबा नानक की नगरी’ में ही लोग सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस थानों के नजदीक नशा बिक रहा है, तो आम जनता की सुरक्षा पर सवाल उठना लाजिमी है।
एक ही गली में 20 से ज्यादा युवा गंवा चुके जान
मोहल्ला पंडोरी की एक गली में पिछले कुछ सालों में 20 से ज्यादा युवा नशे की भेंट चढ़ चुके हैं। लेकिन नशे पर लगाम लगने की बजाय यह लगातार फल-फूल रहा है।
एएसपी सुल्तानपुर लोधी ने क्या कहा?
एएसपी सुल्तानपुर लोधी धीरेंद्र वर्मा ने कहा कि मोहल्ला पंडोरी में जिस महिला द्वारा अपने चार बेटों की मौत होने का दावा किया जा रहा है, उसने कभी इसकी रिपोर्ट थाने में नहीं दी। उसके सबसे बड़े बेटे की मौत आठ साल पहले नशे से हुई थी, उससे छोटे की मौत सात साल पहले जलने, तीसरे की पांच साल पहले जेल और चौथे बेटे की मौत तीन साल पहले अत्याधिक शराब के सेवन से हुई है। महिला का जो पांचवां बेटा भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है।
जिला प्रशासन के निर्देश पर उसका इलाज करवाया जा रहा है। जरूरत पड़ी तो उसे नशा मुक्ति केंद्र भी भेजा जाएगा। मोहल्ले का सर्वे करवाकर नशे में लिप्त लोगों को नशामुक्ति केंद्र भेज पुलिस उनका ठीक होने तक उपचार करवाएगी। मोहल्ले में नशा तस्करों की कमर तोड़ने के लिए दबिश दी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस लगातार मोहल्ले में छापेमारी करती रहेगी।
दैनिक जागरण