रोजाना यहां औसतन चार महिलाओं की ले रहा जान
पंजाब में ब्रेस्ट कैंसर से रोजाना औसतन चार महिलाओं की मौत हो रही है। पिछले पांच वर्षों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले भी बढ़े हैं और कुल 16,711 महिलाएं इस बीमारी की चपेट में आई हैं।
03 मार्च, 2026 – पंजाब : पंजाब में ब्रेस्ट कैंसर से रोजाना औसतन चार महिलाओं की मौत हो रही है। पिछले पांच वर्षों में ब्रेस्ट कैंसर के मामले भी बढ़े हैं और कुल 16,711 महिलाएं इस बीमारी की चपेट में आई हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
बदलती जीवन शैली व खानपान कारण
प्रदेश में बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों के कारण यह समस्या बढ़ रही है। समय रहते जांच बहुत जरूरी है, जिससे महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से काफी हद तक बचाया जा सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, हर साल कैंसर के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है। वर्ष 2025 के दौरान महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के 3388 मामले सामने आए। इस दौरान 1457 महिलाओं की कैंसर से मौत हो गई।
पांच सालों में बढ़ी मृत्युदर
पांच वर्षों में ब्रेस्ट कैंसर से मृत्यु दर में 2.75 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2021 में 1418 महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर से मौत हुई थी, जबकि वर्ष 2022 के दौरान 1427 महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी तरह वर्ष 2023 में 1437 और वर्ष 2024 में 1447 महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी। इसी तरह वर्ष 2023 में 1437 और वर्ष 2024 में 1447 महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर ने जान ले ली।
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले भी बढ़ रहे हैं। वर्ष 2021 में सर्वाइकल कैंसर के 1279 मामले सामने आए थे, जबकि वर्ष 2025 में ये मामले बढक़र 1314 हो गए। इसी तरह मृत्यु दर में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 2021 के दौरान सर्वाइकल कैंसर से 691 महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी थी, जबकि वर्ष 2025 में 710 महिलाओं की मौत हुई है। सर्वाइकल कैंसर की मृत्यु दर में भी 2.75 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
पड़ोसी राज्य में भी स्थिति गंभीर
पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी स्थिति गंभीर है। वर्ष 2025 के दौरान हरियाणा में ब्रेस्ट कैंसर ने 1738 महिलाओं की जान ली है। हर साल मौतों की संख्या बढ़ रही है। हिमाचल प्रदेश में भी ब्रेस्ट कैंसर के मामले और मृत्यु दर बढ़ ही है। वर्ष 2025 के दौरान हिमाचल में 3388 महिलाएं कैंसर की चपेट में आईं, जबकि 442 महिलाओं को अपनी जान गंवानी पड़ी।
ये हैं प्रमुख कारण
- शारीरिक गतिविधि की कमी
- खराब जीवनशैली अपनाना
- जल्दी मासिक धर्म आना
- फसलों में हानिकारक कीटनाशकों का उपयोग
- देरी से विवाह और महिलाओं में जागरूकता की कमी
- भूजल में यूरेनियम की अधिक मात्रा भी कैंसर का बड़ा कारण। राज्य में भूजल में मिला यूरेनियम बीमारियों को न्योता दे रहा है, जिसे कैंसर का भी प्रमुख कारण माना जाता है। मालवा बेल्ट इससे बुरी तरह प्रभावित है।
इस तरह बढ़ते चले गए ब्रेस्ट कैंसर के मामले
वर्ष – मामले
2021- 3297
2022–3319
2023-3342
2024–3365
2025–3388
पांचजन्य