किसानों की पकी-पकाई फसल पर फिरा पानी
मोगा में मंगलवार दोपहर बाद तेज हवाओं, भारी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलें बिछ गईं, जिससे भारी नुकसान हुआ है।
08 अप्रैल, 2026 – मोगा : मोगा में पिछले कई दिनों से जहां हल्के बादल छाए हुए थे वहीं मंगलवार को दिनभर छाए बादलों के उपरांत दोपहर बाद करीब 6:00 बजे तेज हवाओं के साथ तेज बरसात वह ओलावृष्टि होने लगी।
देर शाम आई तेज आंधी ने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल खेतों में बिछाकर रख दी है। यही नहीं जिस प्रकार से मौसम की भविष्यवाणी कर बताया जा रहा है कि आगामी दो दिन मौसम खराब रह सकता है। उससे किसान चिंतित है। खेतों में बिछ चुकी फसल से किसान परेशान है।
मंगलवार को सुबह अचानक मौसम बदल गया था। शाम होते होते चली तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचाया। कई स्थानों पर हवा के तेज झोंकों के कारण फसलें जमीन पर गिर गईं। इससे किसानों को आशंका है कि पैदावार प्रभावित होगी और कटाई में भी अधिक मशक्कत करनी पड़ेगी।
फसल पक कर हुई थी तैयार
बताया जा रहा है कि जिले में 1 लाख 76 हजार हेक्टर रखवा गेहूं की फसल का है बैसाखी के दिन गेहूं की कटाई होने वाली थी भले ही खेत में गेहूं की फसल पककर सुनहरी रंग में हो गई है लेकिन फिर भी पिछले कई दिनों से होने वाली हल्की बूंदाबांदी के कारण किसान गहरी चिंता में थे उनकी चिंता मंगलवार को दोपहर बाद उसे समय और बढ़ गई जब मोगा में हुई तेज वर्षा के साथ ओलावृष्टि से बहुत से किसानों की फसल खेतों में बिछ गई किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि के कारण जहां उनके गेहूं की आमद कम होगी वही खेतों में गिरे हुए गेहूं का दाना काला हो जाएगा
दैनिक जागरण