कार्यक्रम में विभिन्न पहलुओं पर होगी चर्चा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि वे इस साल होने वाले अपने वार्षिक कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने यह बात इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा की।
08 जनवरी, 2026 – नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि वे इस साल होने वाले अपने वार्षिक कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से संवाद करने के लिए उत्सुक हैं। प्रधानमंत्री ने यह बात इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा की।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे परीक्षा देने वाले छात्रों यानी ‘एग्जाम वॉरियर्स’ के सवालों और अनुभवों को सुनने के लिए उत्सुक हैं, ताकि उनकी बातें अन्य छात्रों को भी प्रेरित कर सकें।
प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं नजदीक आ रही हैं और इसी के साथ इस वर्ष की परीक्षा पे चर्चा भी आने वाली है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों, माता-पिता और शिक्षकों से परीक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।
खास तौर पर परीक्षा के तनाव को कैसे कम किया जाए, कैसे शांत और आत्मविश्वास से भरे रहकर परीक्षा दी जाए और मुस्कुराते हुए परीक्षा में शामिल हुआ जाए, इन विषयों पर संवाद किया जाएगा।
चार करोड़ से अधिक पंजीकरण
परीक्षा पे चर्चा 2026 के लिए पंजीकरण चार करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है, जबकि आवेदन विंडो 11 जनवरी को बंद होने में अभी चार दिन शेष हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सात जनवरी, 2026 को शाम 5:30 बजे तक परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण के लिए कुल 4,03,12,346 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें 3,75,00,671 छात्र, 22,89,974 शिक्षक और 5,21,701 अभिभावक शामिल हैं।
समुद्र प्रताप के जलावतरण से आत्मनिर्भरता को मिलेगा बल : पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि स्वदेश निर्मित प्रदूषण नियंत्रण जहाज समुद्र प्रताप के जलावतरण से आत्मनिर्भरता की ²ष्टि मजबूत हुई है। रक्षा मंत्री राजनाथ ¨सह ने सोमवार को भारतीय तटरक्षक जहाज समुद्र प्रताप का जलावतरण किया, जो भारत का पहला स्वदेश निर्मित प्रदूषण नियंत्रण जहाज और तटरक्षक के बेड़े में अब तक का सबसे बड़ा जहाज है।
प्रधानमंत्री ने एक्स पोस्ट में कहा, ”समुद्र प्रताप का जलावतरण कई कारणों से उल्लेखनीय है, जिसमें यह तथ्य भी शामिल है कि यह आत्मनिर्भरता के हमारे दृष्टिकोण को ताकत देता है, सुरक्षा तंत्र को बढ़ावा देता है और स्थिरता के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
यह पोत समुद्री प्रदूषण नियंत्रण नियमों को लागू करने, समुद्री कानून प्रवर्तन, खोज और बचाव कार्यों और भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में काम करेगा।
जहाज की प्राथमिक भूमिका समुद्र में प्रदूषण प्रतिक्रिया है, जो साइड-स्वीपिंग आर्म्स, फ्लोटिंग बूम, उच्च क्षमता वाले स्कीमर, पोर्टेबल बार्ज और एक प्रदूषण नियंत्रण प्रयोगशाला सहित अत्याधुनिक प्रणालियों द्वारा समर्थित है। जहाज एक बाहरी अग्निशमन प्रणाली से भी सुसज्जित है और मिशन दक्षता को बढ़ाने के लिए कई उन्नत प्रणालियों को एकीकृत करता है।
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