पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद में बड़ा कबूलनामा किया है। आसिफ ने कहा है कि पाकिस्तान अपने जवानों की मौत को भी सम्मान नहीं करता। यहां तक कि नेता उनके जनाजों तक में नहीं जाते।
12 फरवरी, 2026 – इस्लामाबाद: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने संसद के अंदर अपने ही देश की पोल खोल दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लड़ाई में मारे गए अपने सैनिकों को सम्मान तक नहीं देता है। ख्वाजा आसिफ ने संसद में बताया कि पाकिस्तान इस तरह अंदर से बंटा हुआ है कि नेता अपने राजनीतिक फायदे के लिए सैनिकों के जनाजे में भी शामिल नहीं होते। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का यह खुलासा देश के सेना के लिए शर्मिंदगी की बात है। पाकिस्तानी सेना पर अक्सर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में मारे सैनिकों की संख्या छिपाने के आरोप लगते रहे हैं। अब राजनीतिक नेतृत्व ने भी इस पर मुहर लगा दी है।
आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान के अंदर राष्ट्रीयता की भावना ही नहीं है। हमें ऐसा माहौल तैयार करना होगा कि हमारे लोग बाहर की तरफ न देखें। आसिफ का इशारा बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में हो रही चरमपंथी हिंसा की तरफ था। पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व अपनी नाकामयाबी छिपाने के लिए भारत पर इन समूहों को उकसावा देने का बेबुनियाद आरोप लगाता है। आसिफ ने संसद के अंदर कबूल किया कि पाकिस्तान के अंदर अलग-अलग गुट आपस में लड़ रहे हैं।
आतंकवाद पर खोली पाकिस्तान की पोल
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘कोई दिल्ली में जाकर बैठ जाए, कोई अफगानिस्तान में जाकर बैठ जाए, कोई यूरोप में या लंदन में जाकर बैठ जाए, इसके पहले हमें खुद को ठीक करना चाहिए।’ आसिफ ने कहा कि हम आतंकवाद की निंदा करने में भी एक साथ नहीं हो पाते। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्या देश के लिए जान देने वाले जवानों पर ही देश का कर्ज है, क्या बाकी सारी कौम पर वो कर्ज नहीं है।
ख्वाजा आसिफ का बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान देश के अंदर चरमपंथी हिंसा से बुरी तरह से जूझ रहा है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सेना और कानून व्यवस्था लागू करने वाली दूसरी एजेंसियों पर ताबड़तोड़ हमले हो रहे हैं। हाल ही में बलूचिस्तान में अलगाववादी समूह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने बड़ा हमला किया था, जिसमें 50 से ज्यादा लोग मारे गए थे। पाकिस्तानी अधिकारियों ने 18 सुरक्षाकर्मियों के मारे जाने की बात कही थी, जबकि BLA ने 200 पाकिस्तानी जवानों को मारने का दावा किया था।
नवभारत टाइम्स