ISI ने गैंगस्टरों को 4 लाख की दी सुपारी, गुरदासपुर में आरोपी ढेर
Gurdaspur में पुलिस चौकी हत्याकांड के मुख्य आरोपी रणजीत सिंह को Punjab Police ने एनकाउंटर में मार गिराया। जांच में Inter-Services Intelligence (ISI) की साजिश और फंडिंग का दावा
26 फरवरी, 2026 – गत दिनों भारत-पाक सीमावर्ती जिले गुरदासपुर में पुलिस चौकी में एएसआई और होमगार्ड जवान का कत्ल करने वाले एक आरोपी रणजीत सिंह को पंजाब पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। उसका दूसरा साथी इंद्रजीत सिंह फरार हो गया। वहीं तीसरा आरोपी दिलावर सिंह पुलिस की गिरफ्त में है। पूरे मामले का पटाक्षेप हो गया है और सामने आया है कि पाकिस्तान की बदनाम खुफिया एजेंसी आईएसआई ने चार लाख रूपये दे कर गैंगस्टरों से यह हत्या करवाई थी।
सुबह तीन बजे हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ आज बुधवार सुबह करीब 3 बजे हुई। इसमें पुलिस ने गैंगस्टर रणजीत को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसे हथियार की बरामदगी के लिए ले गई, लेकिन वहां एसएचओ की गाड़ी पलटने से वह फरार हो गया। इसके बाद सीआईए की टीम ने उसे पुराना शाला इलाके में घेर लिया।
भागने की कोशिश और क्रास फायरिंग में मरा गैंगस्टर
पुलिस को देख उसने फायरिंग कर भागने की कोशिश की। इसी दौरान क्रॉस फायरिंग में रणजीत की गोली लगने से मौत हो गई। वहीं सीआईए के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरमीत सिंह समेत 5 मुलाजिम घायल हो गए। एनकाउंटर के बाद डीआईजी (बार्डर रेंज) संदीप गोयल ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने पैसों का लालच देकर यह मर्डर कराया है। तीनों आरोपी, रणजीत सिंह, दिलावर सिंह और इंद्रजीत सिंह पाकिस्तान में बैठे आईएसआई हैंडलर्स के टच में थे।
मुख्यमंत्री ने पाकिस्तानी हाथ की पुष्टि की
भगवंत मान ने भी जालंधर में पंजाब सशस्त्र बल (पीएपी) के एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि पुलिस चौकी में मारे जवानों का बदला ले लिया है। आरोपियों का लिंक पाकिस्तान से जुड़ा हुआ मिला। पाकिस्तान ने इनको स्पांसर किया था ताकि पंजाब में दहशत फैलाई जा सके। कुछ दिन पहले गुरदासपुर के गांव आदियां पुलिस चौकी में होमगार्ड के जवान अशोक कुमार और एएसआई गुरनाम सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। एएसआई की लाश कुर्सी पर और होमगार्ड की रजाई के भीतर मिली थी।
कत्ल की साजिश-एनकाउंटर की पूरी कहानी
अमृतसर रेंज के डीआईजी संदीप गोयल ने कहा- रणजीत, दिलावर व इंद्रजीत पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के हैंडलर्स के संपर्क में थे। आईएसआई ने इनको पुलिस के जवानों को मारने का काम मिला था। चूंकि ये पास के ही आदिया गांव के थे, इसलिए ये रेकी करते रहे और मौका मिलने पर एएसआई गुरनाम सिंह व होमगार्ड जवान अशोक कुमार की हत्या कर दी।
हथियार बरामदगी के लिए ले गए
डीआईजी ने कहा कि इसके बाद दिलावर व रणजीत सिंह को अरेस्ट किया गया। रणजीत सिंह ने पूछताछ में माना कि वारदात में उसने जो पिस्तौल प्रयोग किया, उसे बहरामपुर एरिया के गांव गालड़ी में छिपाकर रखा था। सबूत पुख्ता करने के लिए पुलिस उसे लेकर हथियार को बरामद करने के लिए ले गई।
धुंध से रास्ता नहीं दिखा, गाड़ी पलटी, आरोपी भागा
डीआईजी ने कहा- जब पुलिस टीम वहां पहुंची तो धुंध के कारण ऊबड़-खाबड़ रास्ता नहीं दिखा। यहां का रास्ता बाढ़ की वजह से भी खराब हुआ था। इससे पुलिस की गाड़ी पलट गई। मौका पाकर आरोपी रणजीत सिंह भाग निकला। एएसआई बनारसी दास ने तुरंत इसकी सूचना दी। जिसके बाद रेड अलर्ट और सीलिंग कर दी गई।
रास्ते में सीआईए ने रोका
डीआईजी ने कहा- इस दौरान गुरदासपुर-मुकेरियां रोड पर पुराना शाला के पास सीआईए स्टाफ के मुलाजिम तैनात थे। चूंकि रणजीत पहले अरेस्ट था तो उसके हुलिए के बारे में हमें सब कुछ पता था। इसी दौरान वह बाइक पर इंद्रजीत सिंह के साथ आया। पुलिस ने रुकने को कहा तो उसने बाइक पीछे मोड़ ली लेकिन वह फिसल गई। इसके बाद वह भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो रणजीत ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की। इस दौरान सीआईए के इंचार्ज इंस्पेक्टर गुरनाम सिंह और 4 अन्य मुलाजिमों को गोली लगी। जिसके बाद पुलिस ने भी फायरिंग बढ़ाई और रणजीत सिंह गोली लगने से घायल होकर गिर पड़ा। इतने में उसका साथी भाग निकला। रणजीत से 32 बोर की पिस्टल, कारतूस और बाइक बरामद हुई।
पांचजन्य