‘मार्कशीट ही आपकी योग्यता का पैमाना नहीं’
प्रधानमंत्री मोदी ने 10वीं-12वीं के छात्रों से बोर्ड परीक्षा के दौरान तनाव न लेने और आत्मविश्वास बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि योग्यता सिर्फ अंकों से नहीं आंकी जाती, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें।
23 फरवरी, 2026 – नई दिल्ली : वर्तमान में चल रही 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षा के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वह आत्मविश्वास बनाएं रखें और अनावश्यक तनाव न लें। साथ ही कहा कि एक छात्र की योग्यता केवल अंकों से ही निर्धारित नहीं होती, बस अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करें।
रविवार को मन की बात के 131वें एपिसोड में पीएम ने छात्रों से कहा- ”मुझे यकीन है कि आप सभी दिल से अपनी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। परीक्षा के दौरान संदेह और ¨चताएं स्वाभाविक हैं लेकिन तनाव को अपने ऊपर कतई हावी नहीं होने देना है। खुद पर विश्वास करें। जो कुछ भी आपने दिल से पढ़ा है, उसे लिखें।”
उन्होंने छात्रों को अपने माता-पिता और शिक्षकों के साथ संवाद बनाए रखने की भी सलाह दी। कहा- ”वे आपको आपके प्रयास के आधार पर आंकते हैं न कि आपके अंकों के आधार पर, वे आपकी मेहनत से खुश हैं।” उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि आप अपनी परीक्षाओं में सफल होंगे और अपने जीवन में नई ऊंचाइयों को हासिल करेंगे।
पीएम ने कहा कि किसान केवल अन्नदाता नहीं हैं। वे धरती के सच्चे साधक हैं। मिट्टी को सोना बनाना क्या होता है, ये कोई हमारे किसानों से सीखे। ओडिशा में हिरोद पटेल का उदाहरण बहुत प्रेरक है। वे खेत में नीचे धान की खेती करते हैं और उसके ऊपर मजबूत जालीदार ढांचा बनाकर बेल वाली सब्जियां उगा रहे हैं, खेत के चारों ओर केले, अमरूद और नारियल लगाए हुए हैं। इस खेत में मछली पालन भी कर रहे हैं। इससे आमदनी कई गुणा बढ़ गई।
एआई के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों से वैश्विक नेता हैरान
मोदी ने कहा कि नई दिल्ली में पिछले दिनों हुए एआई समिट में इस क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों से वैश्विक नेता हतप्रभ हैं। वह यह देखकर हैरान थे कि एआई की सहायता से हम प्राचीन ग्रंथों और ज्ञान का कैसे संरक्षण कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि एआई समिट में दो भारतीय उत्पादों ने वैश्विक नेताओं को बेहद प्रभावित किया। पहला उत्पाद अमूल के बूथ पर प्रदर्शित किया गया, जहां बताया गया कि एआई की मदद से पशुओं के इलाज को बेहतर बनाया जा रहा है।
किसान अपनी डेरी और पशुओं का हर पल का पूरा रिकार्ड रख रहे हैं। इससे दूध उत्पादन, स्वास्थ्य निगरानी और प्रबंधन में बड़ी सुविधा मिल रही है। दूसरा प्रोडक्ट देश की संस्कृति से जुड़ा था। इसमें दिखाया गया कि एआई के जरिये प्राचीन ग्रंथों, पांडुलिपियों और पारंपरिक ज्ञान को सुरक्षित रखा जा रहा है। उन्हें डिजिटल रूप में नई पीढ़ी के अनुरूप भी बनाया जा रहा है।
पीएम ने यह भी कहा
- डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए ओटीपी, आधार व बैंक विवरण किसी से साझा न करें। समय-समय पर पासवर्ड भी बदलते रहें। लोगों को आरबीआइ की सलाह माननी चाहिए और अपना केवाईसी अपडेट रखना चाहिए।
- राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा की जगह स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा लगाई जाएगी। देश गुलामी के प्रतीकों को त्याग रहा है।
- जो खेले-वो खिले। खेल हमें जोड़ता भी है। दुनियाभर की टीमों में भारतीय मूल के खिलाड़ी खेलते हैं। भारतीय मूल के खिलाड़ी अब भारत का हाल मार्क बन गए हैं।
- तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता ने जनहित में खासकर महिलाओं के लिए बहुत कल्याणकारी काम किए। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।
- त्योहारों के दौरान ‘स्वदेशी’ प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें। ‘वोकल फार लोकल’ को जरूर याद रखें।
- केरल की 10 महीने की बच्ची आलिन की असमय मृत्यु के बाद उसके माता-पिता अरुण और शेरिन ने जो फैसला लिया, उसने पूरे देश का दिल छू लिया। उन्होंने आलिन के अंग दान करने का निर्णय किया। यह कदम न सिर्फ साहस का उदाहरण है, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा भी है।
- सदियों पुरानी मामंगम परंपरा लगभग 250 वर्षों के अंतराल के बाद फिर से जीवंत हुई है। प्रयागराज में लगा महाकुंभ हो या केरल में मामंगम परंपरा, यह केवल स्नान का पर्व नहीं है। यह स्मृति का जागरण है। संस्कृति का पुनर्स्मरण है। उत्तर से दक्षिण तक, नदियां भले अलग हों, किनारे भले अलग हों, पर आस्था की धारा एक ही है- यही भारत है।
दैनिक जागरण