पाकिस्तानी एक्सपर्ट ने धो डाला
पाकिस्तान इस समय आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ा है। देश 7 साल में पहली बार यूएई के साथ रोलओवल समझौता कर पाने में नाकाम रहा है। अब उसे 3.5 अरब डॉलर का कर्जा चुकाना है।
09 अप्रैल, 2026 – इस्लामाबाद: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एकमात्र एजेंडे पर काम कर रहे हैं। वह एजेंडा है- दुनिया भर के देशों में घूम-घूमकर कर्ज मांगना। शहबाज शरीफ के शासन में अर्थव्यवस्था इस कदर बदहाल है कि पाकिस्तान को कर्जों का ब्याज देने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है। हालत है कि शहबाज को अब पाकिस्तान में शोबाज प्रधानमंत्री कहा जाने लगा है, जिनके पास न तो कोई विजन नहीं है।
पाकिस्तानी पत्रकार और एक्सपर्ट इरशाद भट्टी ने एक टीवी शो में अपने ही प्रधानमंत्री को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ के पास बताने के लिए एक ही उपलब्धि होती है- अलहमदुलिल्लाह हमें फला ने कर्ज दे दिया, हमें उनसे कर्ज मिल गया, IMF आ गया।
बस भारत और इजरायल की बचे हैं, जिनसे हमने कर्ज नहीं लिया है। क्योंकि इनसे संबंध अच्छे नहीं है। अगर इनसे भी ताल्लुकात ठीक होते तो शहबाज शरीफ साहब कर्जा ले चुके होते।
इरशाद भट्टी ने विदेशी निवेश को लेकर निशाना साधा और कहा कि शहबाज शरीफ जितना देश की संसद में नहीं आए हैं उससे ज्यादा पाकिस्तान के बाहर गए हैं। उन्होंने कहा कि 40 से 50 विदेशी दौरों के बाद निवेश में 41 फीसदी की गिरावट हुई है। 47 साल में देश में निवेश सबसे कम है।
पाकिस्तान आर्थिक संकट के मुहाने पर
भट्टी ने शहबाज शरीफ को ऐसे समय में निशाने पर लिया है, जब पाकिस्तान बड़े आर्थिक संकट के मुहाने पर खड़ा है। सात साल में पहली बार ऐसा हुआ है, जब पाकिस्तान UAE के साथ 3.5 अरब डॉलर के कर्ज को आगे बढ़ाने के लिए किसी समझौते पर पहुंचने में नाकाम रहा है। UAE के दबाव के बाद पाकिस्तान ने अब इस कर्ज को लौटाने का फैसला किया है।
पाकिस्तान के लिए यह रकम उसके विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 18 फीसदी है। पाकिस्तान का वर्तमान विदेशी मुद्रा भंडार 16.4 अरब डॉलर है। ऐसे में यह कर्ज अदायगी आर्थिक दबाव को और बढ़ा सकती है, जो पहले से ही तेल की बढ़ती कीमतों के चलते चिंताजनक स्तर पर है।
नवभारत टाइम्स