कहा-कनाडा में अपराधों का भारत से लेना-देना नहीं
कनाडाई अधिकारियों ने टोरंटो स्टार को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत अब कनाडा में हिंसक अपराधों से जुड़ा नहीं है। मार्क कार्नी की मुंबई-दिल्ली यात्रा से पहले दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के मजबूत संकेत। ट्रूडो काल के आरोप अब पीछे छूटे।
27 फरवरी, 2026 – भारत और कनाडा के रिश्तों में जमी बर्फ पिघलने के संकेत मिलने शुरू हो गए हैं। देश के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के भारत दौरे से पहले इस बात के संकेत भी दिख गए हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कनाडाई अधिकारियों ने अपने देश में हो रहे अपराधों में भारत के शामिल होने के कथित आरोपों के मामले में क्लीनचिट दे दी है। अधिकारियों का कहना है कि भारत के इन सब मामलों से कुछ लेना देना नहीं है।
इस बात का खुलासा कनाडा के एक स्थानीय अखबार टोरंटो स्टार को दिए एक साक्षात्कार में किया गया है। अखबार अनाम अधिकारी के हवाले से लिखता है कि कनाडा में अब इस तरह की हिंसक घटनाएं नहीं हो रही हैं और अगर हमें लगता कि इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं तो हम ये यात्रा ही नहीं करते। दरअसल, हम प्रधानमंत्री कार्नी आज मुंबई और नई दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं।
क्यों खराब हुए दोनों देशों के रिश्ते
उल्लेखनीय है कि कनाडा में खालिस्तानी तत्वों का प्रभाव है। जब जस्टिन ट्रूडो देश के प्रधानमंत्री थे तो उनकी सरकार में खालिस्तानी तत्व भी सहयोगी थे। जून 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद ट्रूडो जब जी-20 की मीटिंग में शामिल होने के लिए भारत आए। लेकिन, यहां से वापस जाते ही उन्होंने भारत पर निज्जर की हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये हत्या ‘रॉ’ ने की थी।
भारत के इंकार के बाद भी लगाते रहे आरोप
ट्रूडो के इन आरोपों के बाद भारत ने पुरजोर तरीके से इसका विरोध किया और स्पष्ट किया कि भारत का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है। इसके साथ ही भारत सरकार ने कनाडा की ट्रूडो सरकार से इसके सबूत भी मांगे। लेकिन ट्रूडो ने कहा कि वो जानते हैं कि निज्जर की हत्या भारत ने ही करवाई है, लेकिन वो इसका कोई सबूत नहीं देंगे।
अब क्यों बदले कनाडा के सुर
हालांकि, मार्क कार्नी ने सत्ता में आने के साथ ही भारत से रिश्तों को सुधारने को लेकर बयान दिए थे। लेकिन इसके लिए डोनाल्ड ट्र्रंप की नीतियां कहीं अधिक जिम्मेदार हैं। जानकारों का कहना है कि ट्रंप कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की जिद पर अड़े हुए हैं और अपनी इसी जिद के तहत कनाडा को झुकाने के लिए उन्होंने उस पर टैरिफ भी लगाए हैं। इससे निपटने के लिए अब कार्नी सरकार भारत और चीन से नजदीकियां बढ़ा रही है। वो अपने मार्केट को डाइवर्सिफाई करके अमेरिका पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहते हैं।
पांचजन्य