बेटे जीव ने भी जीता खिताब
भारतीय गोल्फ के लिए यह सप्ताह ऐतिहासिक रहा। जीव मिल्खा सिंह ने कोलंबो में आईजीपीएल इनविटेशनल जीतकर खिताब अपने नाम किया। उनके बेटे हरजय मिल्खा सिंह ने अंडर-18 वर्ग में देश के नंबर वन गोल्फर का गौरव हासिल किया। हरजय ने इस साल 14 टूर्नामेंटों में से चार जीते, अपनी निरंतरता साबित की। मिल्खा परिवार गोल्फ में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
07 जनवरी, 2026 – चंडीगढ़ : भारतीय गोल्फ के लिए यह सप्ताह यादगार रहा। अंतरराष्ट्रीय प्रोफेशनल गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने कोलंबो में आयोजित आईजीपीएल इनविटेशनल श्रीलंका जीतकर इंडियन गोल्फ प्रीमियर लीग (आईजीपीएल) के पहले सीजन का खिताब अपने नाम किया।
वहीं, उनके बेटे हरजय मिल्खा सिंह ने अंडर-18 वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के नंबर वन गोल्फर का गौरव हासिल किया है।
हरजय की उड़ान, 14 टूर्नामेंट में दमदार प्रदर्शन
हरजय मिल्खा सिंह ने इस वर्ष कुल 14 टूर्नामेंट खेले, जिनमें से चार में खिताब जीता और दो में उपविजेता रहे। इसके अलावा, आठ टूर्नामेंट में टाप-10 में स्थान बनाकर अपनी निरंतरता साबित की।
हरजय स्ट्राबेरी स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ते हैं। प्रतियोगिता जीतने में स्कूल का भी भरपूर सहयोग मिला है। हरजय ने बताया कि इस साल उनके पांच और टूर्नामेंट शेष हैं, जिनमें से एक यूरोप में खेला जाएगा।
पांच साल की उम्र में थामा गोल्फ क्लब
हरजय ने अपनी शुरुआत को याद करते हुए बताया कि पांच वर्ष की उम्र में उनकी दादी स्वर्गीय निर्मल मिल्खा सिंह उन्हें पहली बार गोल्फ कोर्स लेकर गई थीं। शुरुआत में यह खेल मस्ती का जरिया था, लेकिन 12 वर्ष की उम्र से उन्होंने इसे गंभीरता से अपनाया।
उन्होंने कहा कि स्किटलैंड में अंडर-13 यूएस किड्स गोल्फ यूरोपियन चैंपियनशिप जीतने के बाद उनके खेल में नई ऊर्जा आई और आत्मविश्वास बढ़ा।
क्रिकेट और बास्केटबॉल भी पसंद
हरजय का कहना है कि उन्हें गोल्फ के साथ-साथ क्रिकेट और बास्केटबॉल खेलना भी पसंद है, लेकिन प्रोफेशनल तौर पर गोल्फ ही उनका पहला प्यार है। उन्होंने कहा, ‘दादा और पिता का योगदान मेरे जीवन में बेहद अहम रहा है।’
कोलंबो की जीत मेरे लिए खास: जीव मिल्खा सिंह
कोलंबो में मिली जीत पर जीव मिल्खा सिंह ने कहा कि वह मैदान में जीत के इरादे से उतरे थे, हालांकि कई युवा खिलाड़ी उनकी उम्र को लेकर मजाक करते थे।
जीव ने कहा, ‘उन बातों ने मेरा हौसला और बढ़ाया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि कोलंबो में ही मेरे माता-पिता की पहली मुलाकात हुई थी। यह शहर मेरे लिए सपने जैसा बन गया।’
अगले साल से फिर शुरू होगा टूर
जीव मिल्खा सिंह ने बताया कि अगले वर्ष उनका टूर जल्द शुरू होगा और वह पहले से बेहतर तैयारी के साथ मैदान में उतरेंगे। पिता की अंतरराष्ट्रीय जीत और बेटे की राष्ट्रीय रैंकिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मिल्खा परिवार गोल्फ की दुनिया में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।
दैनिक जागरण