किसानों के हितों की रक्षा और उत्पादों में जीरो टैरिफ…
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता भारतीय किसानों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने कई भारतीय कृषि उत्पादों पर टैरिफ शून्य किया है, जबकि भारत ने अमेरिकी उत्पादों को ऐसी छूट नहीं दी।
09 फरवरी, 2026 – नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते का फ्रेमवर्क भारतीय किसानों को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। उन्होंने बताया कि अमेरिका ने कई भारतीय कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाकर शून्य कर दिया है।
उन्होंने कहा कि ट्रेड डील में भारतीय किसानों के हितों की पूरी तरह से रक्षा की गई है और किसी भी मुख्य फसल, फल, डेयरी प्रोडक्ट या मसालों को अमेरिकी इंपोर्ट के लिए नहीं खोला गया है। इस समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय सामानों पर टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत किया गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने और क्या कहा?
भोपाल में कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सुनिश्चित किया है कि देश और किसानों के हितों की रक्षा की जाए। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे कृषि उत्पादों को डील से बाहर रखा गया है जो किसानों को प्रभावित कर सकते हैं।
इन चीजों को नहीं किया जाएगा इंपोर्ट
उन्होंने साफ किया कि सोयाबीन, मक्का, चावल, गेहूं, चीनी, अनाज, पोल्ट्री, डेयरी प्रोडक्ट्स, केले, स्ट्रॉबेरी, चेरी, हरी मटर, दालें, तिलहन, इथेनॉल और तंबाकू जैसी चीजों पर कोई टैरिफ छूट नहीं है। अमेरिका से कोई भी लिक्विड या प्रोसेस्ड डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे- मक्खन, घी, पनीर या चीज, इन्हें इंपोर्ट नहीं किए जाएगा और भारतीय मसाले सुरक्षित रहेंगे।
‘कई कृषि उत्पादों पर जीरो टैरिफ’
चौहान ने कहा कि अमेरिका ने कई भारतीय कृषि उत्पादों पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ा है, जबकि भारत ने अमेरिकी कृषि उत्पादों को ऐसी कोई छूट नहीं दी है। उन्होंने आगे कहा कि मसालों का एक्सपोर्ट काफी बढ़ा है और इस समझौते से महिलाओं को भी फायदा होगा।
उन्होंने बताया कि PM मोदी के नेतृत्व में भारत ने नौ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किए हैं और भी कई पर बातचीत चल रही है। उन्होंने इन्हें 2047 तक विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में मील का पत्थर बताया।
दैनिक जागरण