संघ किसी पर हमले में विश्वास नहीं रखता
मोहन भागवत ने कहा कि RSS धार्मिक आधार पर किसी पर हमला नहीं करता और हिंदू दर्शन इस्लाम को मिटाने की बात नहीं करता। उन्होंने धर्म को व्यक्तिगत पसंद बताया और सड़कों के नाम आक्रांताओं के नाम पर न रखने की बात कही।
29 अगस्त, 2025 – नई दिल्लीः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि संघ धार्मिक आधार पर किसी पर हमला करने में विश्वास नहीं रखता। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू दर्शन यह नहीं कहता कि इस्लाम नहीं रहेगा।
धर्म व्यक्तिगत पसंद का मामला
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी समारोह के दौरान एक सवाल के जवाब में, भागवत ने कहा कि धर्म व्यक्तिगत पसंद का मामला है और इसमें किसी तरह का प्रलोभन या जोर-जबरदस्ती शामिल नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हिंदू आत्मविश्वास की कमी के कारण असुरक्षित हैं। कोई भी हिंदू यह नहीं सोचता कि इस्लाम नहीं रहेगा। हम पहले एक राष्ट्र हैं… RSS किसी पर भी हमला करने में विश्वास नहीं रखता, धार्मिक आधार पर भी।’
सड़कों का नाम आक्रांताओं के नाम पर नहीं रखना चाहिए
भागवत ने यह भी कहा कि सड़कों और जगहों का नाम ‘आक्रांताओं’ के नाम पर नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं यह नहीं कह रहा कि उनका नाम मुसलमानों के नाम पर नहीं रखा जाना चाहिए, लेकिन उनका नाम आक्रांताओं के नाम पर नहीं रखा जाना चाहिए।’
संघ आरक्षण का समर्थन करता रहेगा
भागवत ने कहा कि RSS संविधान के तहत आरक्षण नीतियों का पूरा समर्थन करता है और जब तक जरूरत होगी, इस व्यवस्था का समर्थन करता रहेगा। जाति व्यवस्था पर, RSS प्रमुख ने कहा कि जो भी पुराना हो गया है, वह खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘जाति व्यवस्था कभी थी, लेकिन आज उसकी कोई प्रासंगिकता नहीं है। जाति अब कोई व्यवस्था नहीं रही; यह पुरानी हो चुकी है और इसे खत्म होना ही होगा।’
भागवत ने कहा, ‘शोषण-मुक्त और समतावादी व्यवस्था के मूल्यांकन की आवश्यकता है। पुरानी व्यवस्था के खत्म होते ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसका समाज पर विनाशकारी प्रभाव न पड़े।’
नवभारत टाइम्स