‘राजनीति में कभी फुलस्टॉप नहीं होता…’
राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों की विदाई पर पीएम मोदी ने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता, बल्कि राष्ट्र सेवा के लिए नए अवसर मिलते हैं।
19 मार्च, 2026 – नई दिल्ली : राज्यसभा से सेवानिवृत्त हो रहे सांसदों की विदाई के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं लगता है बल्कि भविष्य राष्ट्र और समाज में किसी अहम योगदान के लिए उनका इंतजार कर रहा होता है।
उन्होंने इस दौरान देवगौड़ा, पवार जैसे सदन के वरिष्ठ सदस्यों के संसदीय योगदान व लंबे अनुभव को सराहा और नए सदस्यों से उनसे सीखने का सुझाव दिया।
पीएम मोदी ने इस मौके पर उपसभापति हरिवंश के शांत होकर कार्य करने की शैली और केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले की हास्य भरी शैली को भी सराहा।
साथ ही कहा कि सदन से सेवानिवृत्त हो रहे सभी सांसदों का राष्ट्र के निर्माण में अहम योगदान रहा है। उनके इस योगदान को याद रखा जाएगा।
पीएम मोदी ने इस दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उस टिप्पणी के बाद एक शायरी भी सुनायी, जिसमें उन्होंने कहा कि पीएम पहले तो शेरो-शायरी भी सुनाते थे लेकिन अब नहीं सुना रहे है।
राजनीति में नहीं होता पूर्ण विराम: PM
इस पर मोदी ने कहा कि वैसे तो मैं शेर-शायरी की दुनिया का व्यक्ति नहीं हूं, वो प्रतापगढ़ी ( इमरान प्रतापगढ़ी) का काम है। इसके बाद उन्होंने एक शेर पढ़ते हुए कहा कि ‘ कर्म ऐसा करो, जहां से गुजरे तुम्हारी नजरें उधर से आए तुम्हें सलाम।’
राज्यसभा से बुधवार को 20 राज्यों के सेवानिवृत्त हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी। इनमें पांच महिला सांसद भी शामिल है। इस मौके पर विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेता कभी रिटायर नहीं होते।
उन्होंने इस दौरान सदन से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए। कहा कि सभी सांसदों की बातों को सुना जाना चाहिए। सदन ज्यादा से ज्यादा चलना चाहिए। जनता के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
खरगे, देवगौड़ा, आठवले ने ली चुटकी
खरगे ने इस मौकै पर पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा को लेकर भी चुटकी ली और कहा कि देवगौड़ा जी ने मोहब्बत तो उनसे किया था लेकिन शादी मोदी जी से कर ली। उनकी इस चुटकी का जवाब देवगौड़ा ने अपने बारी आने पर दिया और कहा कि जबरन शादी कराई गई थी, बाद में तलाक लेना पड़ा।
इस दौरान सदन में जमकर ठहाके लगे। खरगे ने आठवले पर चुटकी लेते हुए कहा कि आठवले साहब अपनी कविता में हमेशा ही मोदी जी का गुणगान करते हैं। उन्हें कोई दूसरी कविता नहीं आती।
मुझे उम्मीद है कि वे अगले कार्यकाल में अपनी कविता में मोदी का जिक्र कम करेंगे। विदाई के इस मौके पर उपसभापति हरिवंश ने भी संबोधित किया और कहा कि वह सदन के एक बेहतर अनुभव के साथ विदा ले रहे है। सभी से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला।
गौरतलब है कि राज्यसभा ने बुधवार को जिन सदस्यों को विदाई दी, उनमें पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा, उपसभापति हरिवंश, शरद पवार, रामदास आठवले सहित कुल 59 सदस्यों को दी। हालांकि इनमें से पवार, आठवले फिर से निर्वाचित होकर सदन में आ गए है।
दैनिक जागरण