11 फरवरी, 2026 – इस्लामाबाद : Pakistan Defence Minister Khawaja Asif: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका पर जबरदस्त निशाना साधा है। ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका पर उनके देश को जंग में झोंकने का आरोप लगाते हुए कहा कि, पाकिस्तान का इस्तेमाल टॉयलेट पेपर की तरह किया गया है।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अमेरिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने नेशनल असेंबली में एक भाषण के दौरान पाकिस्तान के पिछले सैन्य और राजनीतिक फैसलों की कड़ी आलोचना की। वहीं अमेरिका पर निशाना साधते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अमेरिका ने पाकिस्तान का टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया। जब उसका काम निकल गया तो उसने हमें फेंक दिया। नेशनल असेंबली में अफगानिस्तान में युद्धों का जिक्र करते हुए आसिफ ने माना कि अमेरिका ने अफगानिस्तान से जंग में उसके लोगों को जिहाद के नाम पर मरवाया और जब काम हो गया, तो उन्हें अकेला छोड़ दिया। ख्वाजा ने इसके लिए पाकिस्तान के दो पूर्व सेना प्रमुख जनरल जियाउल हक और परवेज मुशर्रफ को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
‘युद्ध को सही ठहराने के लिए बदले गए पाकिस्तान के पाठ्यक्रम’
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने अफगान युद्धों में देश की भूमिका को लेकर खुलकर अपनी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में कभी भी इस्लाम की रक्षा के लिए युद्ध नहीं लड़ा,भले ही सार्वजनिक तौर पर ऐसा नैरेटिव पेश किया जाता रहा हो। आसिफ ने माना कि जिहाद के नाम पर पाकिस्तानियों को लड़ने और मरने के लिए भेजा गया, जिसे उन्होंने एक गंभीर और ऐतिहासिक भूल करार दिया। उन्होंने बताया कि इन युद्धों को सही ठहराने के लिए पाकिस्तान के शिक्षा पाठ्यक्रम तक में बदलाव किए गए, जिन्हें आज तक पूरी तरह सुधारा नहीं जा सका है।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने संसद में कहा, 1980 के दशक में अफगानिस्तान में सोवियत संघ के खिलाफ लड़ाई किसी धार्मिक दायित्व का नतीजा नहीं थी, बल्कि यह पूरी तरह अमेरिकी रणनीति से प्रेरित थी। उन्होंने कहा कि रूस ने अफगानिस्तान पर इस तरह कब्जा नहीं किया था, बल्कि तब की सरकार ने रूस को बुलाया था। हमें इस जंग में शामिल ही नहीं होना चाहिए था। ख्वाजा ने इसे एक बड़ी भूल बताया।
पाकिस्तान को ‘टॉयलेट पेपर से भी बदतर’ समझा गया- आसिफ
आसिफ ने 1999 के बाद अफगानिस्तान में पाकिस्तान की दोबारा दखलअंदाजी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका का समर्थन पाने के लिए पाकिस्तान एक बार फिर वॉशिंगटन के साथ खड़ा हो गया, जिसकी भारी कीमत देश को चुकानी पड़ी। उनके शब्दों में, पाकिस्तान को ऐसा नुकसान हुआ है जिससे वह आज तक उबर नहीं पाया है। पूर्व सैन्य शासकों जनरल जिया-उल-हक और परवेज मुशर्रफ पर तीखा हमला करते हुए आसिफ ने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान को ऐसे युद्धों में झोंक दिया, जिनका देश से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को ‘टॉयलेट पेपर से भी बदतर’ समझा गया, जरूरत के वक्त इस्तेमाल किया गया और फिर फेंक दिया गया।
तालिबान के खिलाफ लड़ना भूल- आसिफ
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ यहीं नहीं रुके। उन्होंने साल 2001 का भी जिक्र करते हुए कहा कि उस वक्त भी पाकिस्तान से बड़ी भूल हुई। आसिफ के मुताबिक, अमेरिका का साथ देने के लिए पाकिस्तान ने तालिबान के खिलाफ मोर्चा लिया। उन्होंने कहा, अमेरिका तो बाद में चला गया, लेकिन जो नुकसान हमें हुआ, उसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। रक्षा मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका के लिए सब कुछ किया, अपना हवाई क्षेत्र दिया, कराची बंदरगाह इस्तेमाल के लिए खोल दिया और यहां तक कि अपने लोगों को भी उस जंग में झोंक दिया। आसिफ ने सवाल उठाते हुए कहा, इसके बदले हमें क्या मिला? अमेरिका ने हमें सिर्फ अपने मतलब के लिए इस्तेमाल किया और फिर हमें हमारे हाल पर छोड़कर चला गया।
अमर उजाला