21 फरवरी, 2026 – पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने होशियारपुर में बीएसएफ परेड के बाद कहा कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो गया है। ड्रग्स, गैंगवार और ड्रोन तस्करी पर चिंता जताई जन-आंदोलन की अपील की।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी चिंता जताई है। उनका साफ कहना है कि अपराधियों के मन में कानून का वो डर अब लगभग गायब सा हो गया है, जो होना बहुत जरूरी है। ये बात उन्होंने 7 फरवरी 2026 को होशियारपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर खरकां कैंप में बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के सब्सिडियरी ट्रेनिंग सेंटर में आयोजित कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए कही। वहां उन्होंने 447 महिला रिक्रूट कांस्टेबल्स की पासिंग-आउट परेड और अटेस्टेशन सेरेमनी में हिस्सा लिया। ये लड़कियां बैच 275 और 276 की हैं, जिन्होंने 44 हफ्ते की सख्त ट्रेनिंग पूरी की है।
राज्यपाल ने परेड की सलामी ली और कहा कि सेना या फोर्स में सेवा का रास्ता बहुत कठिन है, खासकर महिलाओं के लिए। उन्हें बॉर्डर पर हर तरह की परिस्थितियों में ड्यूटी करनी पड़ती है। आज महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश की रक्षा में खड़ी हैं। बीएसएफ के इंस्पेक्टर जनरल चारु ध्वज अग्रवाल ने उनका स्वागत किया। मौके पर सीनियर अधिकारी, ट्रेनीज के परिवार वाले और लोकल लोग भी थे।
राज्य के कानून पर कही बड़ी बात
मीडिया से बातचीत में विपक्ष के कानून-व्यवस्था पर हमले के सवाल पर राज्यपाल ने कहा, “विपक्ष चाहे बोले या न बोले, लेकिन आम लोगों में ये भावना है कि अपराधियों के दिमाग में कानून का डर गायब हो गया है। अपराधी जानते हैं कि कानून कार्रवाई करेगा, फिर भी यहां कुछ गैंग एक-दूसरे से बदला लेने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं। लगभग रोजाना ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। ये आज की एक बड़ी समस्या है, जिसे नकारा नहीं जा सकता।”
कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर कदम उठा रही है और केंद्र सरकार को भी पंजाब की मदद के लिए सूचित किया गया है। विपक्षी दल, खासकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर लगातार आरोप लगा रहे हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है और हालात ‘कुल मिलाकर ढह गए हैं’। राज्यपाल ने आम जनता की भावना को दोहराया कि गैंगस्टर खुलेआम बदला ले रहे हैं और रोज की वारदातें हो रही हैं।
ड्रग्स की समस्या पर भी उन्होंने काफी चिंता दिखाई। कहा कि नशा युवाओं को तबाह कर रहा है और कुछ ताकतें पंजाब को नशीले पदार्थों के जरिए कमजोर करने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्होंने नशे के खिलाफ 8 दिन की पदयात्रा की थी। अब 9 से 12 फरवरी तक तरनतारन, फजिल्का और फिरोजपुर में चार दिन की पदयात्रा करने वाले हैं। लोगों से अपील की कि नशे के खिलाफ लड़ाई को जन-आंदोलन बनाना होगा, तभी असर होगा।
ड्रग्स और हथियारों की तस्करी पर बात करते हुए उन्होंने बॉर्डर पर ड्रोन से हो रही घुसपैठ का जिक्र किया। अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं – पहले चरण में 9 और बाद में 23 और सिस्टम इंस्टॉल किए गए। पंजाब सरकार ने भी इस काम के लिए 10 करोड़ रुपये दिए हैं।
पांचजन्य