शहबाज बोले- बंद रहेंगे स्कूल, घर से काम करें कर्मचारी
10 मार्च, 2026 – इस्लामाबाद : पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है और ईंधन संकट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति से निपटने के लिए प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सरकारी कर्मचारियों के ईंधन भत्ते में कटौती, वर्क फ्रॉम होम और शिक्षण संस्थान बंद करने जैसे कदम उठाए हैं।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर दिखने लगा है। इस संकट ने पहले से आर्थिक तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया है। इसके चलते पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईंधन बचाने के लिए कदम उठाने का आदेश दिया। शरीफ ने सरकारी कर्मचारियों के ईंधन भत्ते में कटौती और शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला लिया है।
देश के नाम संबोधन में शहबाज शरीफ ने कहा, पूरा क्षेत्र संघर्ष की चपेट में है और हम इससे निपटने की कोशिश कर रहे हैं। सरकारी दफ्तर हफ्ते में केवल चार दिन ही खुलेंगे और 50 फीसदी कर्मचारी घर से ही काम (वर्क फ्रॉम होम) करेंगे। हालांकि, यह फैसला बैंकों पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा, स्कूल में दो दिन छुट्टी की घोषणा की गई है।
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब और बलूचिस्तान की प्रांतीय सरकारों ने भी ईंधन बचाने के लिए कई कदमों की घोषणा की। इनमें शिक्षण संस्थानों को बंद करना और सरकारी वाहनों के ईंधन भत्ते में कटौती शामिल है।
खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने दो महीने के लिए इन उपायों को लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत सरकारी वाहनों के ईंधन भत्ते में 25 फीसदी की कटौती की गई है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रांतीय कैबिनेट की बैठक में ‘ईंधन संरक्षण और जिम्मेदार शासन पहल’ को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री के सूचना और जनसंपर्क मामलों के विशेष सहायक शफी जान ने कहा कि यह कदम मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी के निर्देश पर उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार हालात पर नजर रखेगी और जरूरत पड़ने पर इन उपायों को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
शफी जान के अनुसार कैबिनेट ने सरकारी वाहनों के ईंधन भत्ते में 25 फीसदी कटौती को मंजूरी दी है। कोविड-19 महामारी के समय से पहले ही 25 फीसदी कटौती लागू थी, इसलिए कुल मिलाकर यह 50 फीसदी कमी हो जाएगी। हालांकि, यह कटौती पुलिस, आपातकालीन सेवाओं और कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर लागू नहीं होगी। उन्होंने बताया कि सरकारी विभागों में 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम नीति भी लागू की जाएगी और सभी सरकारी बैठकों को ऑनलाइन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि हर हफ्ते शुक्रवार को शैक्षणिक संस्थान बंद रखे जाएं और ऑनलाइन पढ़ाई को प्राथमिकता दी जाए। कैबिनेट ने वीआईपी प्रोटोकॉल वाहनों और हेलीकॉप्टरों के उपयोग को सीमित करने का भी फैसला किया है। सरकार ने अनावश्यक कार्यक्रमों और आधिकारिक रात्रिभोज पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि ईंधन स्टेशनों पर हालात पर नजर रखी जाएगी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। किसानों को गेहूं की कटाई के लिए डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की बात भी कही गई है। उनका कहना था कि सरकार इन नीतियों को लागू करके अर्थव्यवस्था की रक्षा करना चाहती है, वह भी बिना जनता पर अतिरिक्त बोझ डाले।
पंजाब सरकार के फैसले
दूसरी ओर, पीएमएल-एन के एक्स खाते पर जारी जानकारी में बताया गया कि पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने भी पश्चिम एशिया युद्ध से पैदा हुई आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए ईंधन बचाने के उपाय लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत पेट्रोल संकट खत्म होने तक प्रांतीय मंत्रियों को मुफ्त पेट्रोल नहीं दिया जाएगा और सरकारी वाहनों के लिए पेट्रोल-डीजल भत्ता 50 फीसदी कम किया जाएगा। प्रांतीय मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के प्रोटोकॉल वाहनों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है और सुरक्षा के लिए उनके साथ केवल एक अतिरिक्त वाहन चलेगा। सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम मॉडल लागू किया जा रहा है, जिसमें केवल जरूरी कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे।
बलूचिस्तान में शिक्षण संस्थान बंद
बलूचिस्तान सरकार ने भी 23 मार्च तक शिक्षण संस्थानों को बंद करने का फैसला किया है। कॉलेज, उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और ईंधन आपूर्ति में कमी को देखते हुए प्रांत के सभी सरकारी इंटरमीडिएट, डिग्री और तकनीकी कॉलेजों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के विश्वविद्यालयों को 10 मार्च से 23 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस अवधि में इन संस्थानों की सभी शिक्षण, शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियां स्थगित रहेंगी।
अमर उजाला