प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम-किसान की 22वीं किस्त में 18,640 करोड़ रुपये जारी किए, जिससे 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ हुआ, जिनमें 2.15 करोड़ महिला किसान शामिल हैं।
20 मार्च, 2026 – नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा इस महीने पीएम किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त के रूप में 18,640 करोड़ रुपए जारी किए जाने से 9.32 करोड़ से अधिक किसानों को सहायता मिली है, जिनमें से करीब 2.15 करोड़ महिला किसान हैं।
इस योजना की शुरुआत से अब तक किसानों को दी गई कुल राशि 4.27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है। इसी के साथ पीएम-किसान दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजनाओं में से एक बन गई है। यह योजना आधार-आधारित सत्यापन और डिजिटाइज्ड भूमि रिकार्ड के जरिए लागू की जाती है, जिससे सही लाभार्थियों तक सीधे और पारदर्शी तरीके से पैसा पहुंचाया जाता है।
बजट में 60,000 करोड़ रुपए का प्रविधान
सरकार इसे ‘अन्नदाता सम्मान’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानती है। किसानों की आय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्रीय बजट 2026-27 में इस योजना के लिए 60,000 करोड़ रुपए का प्रविधान किया गया है। अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (IFPRI) और नीति आयोग के आकलन के अनुसार, इस योजना से किसानों की कृषि आय बढ़ी है और उनकी अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम हुई है।
सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक मदद
देश के अलग-अलग हिस्सों में पीएम-किसान योजना ने किसानों को अपनी खेती में निवेश करने और उत्पादन बढ़ाने में मदद की है। पीएम-किसान एक केंद्रीय प्रायोजित योजना है, जिसे 2019 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य देश भर के जमीन वाले किसान परिवारों को आय सहायता देना है। इस योजना के तहत हर पात्र किसान परिवार को सालाना 6,000 रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है, जो 2,000 रुपए की तीन बराबर किस्तों में सीधे उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है।
दैनिक जागरण