गरीब के घर में घुसा, पेट्रोल छिड़का और लगा दी आग, गांव का सरपंच है आरोपी
03 अप्रैल, 2026 – खडूर साहिब (पंजाब) : आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के साले व गांव के सरपंच ने गुंडागर्दी दिखाते हुए गांव में रहने वाले दो गरीब परिवारों के घर को आग लगा दी। हालांकि इस घटना के बाद आरोपी सरपंच फरार है।
हाल ही में केंद्रीय जेल से रिहा हुए आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। खडूर साहिब हलके के गांव वेईपुई में गुंडागर्दी का नंगा नाच देखने को मिला। जो लालपुरा के साले व गांव के सरपंच बलदेव सिंह गोरा ने किया। पुलिस ने कुल 10 आरोपियों को नामजद करके छापामारी शुरू कर दी है। हालांकि पीड़ित परिवारों को मुआवजा जारी करवाकर मामले पर पर्दा डालने का प्रशासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है।
गांव वेईपुई निवासी लवप्रीत सिंह लब्बू का अपने ही गांव के आप समर्थक सरपंच बलदेव सिंह गोरा के साथ विवाद हुआ था। इसी विवाद के चलते सरपंच ने अपने साथी सुखविंदर सिंह सुक्खा, गुरवंश सिंह, जोबनजीत सिंह, आलू व पांच अज्ञात लोगों समेत दावा बोलते लवप्रीत सिंह लब्बू के घर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घटना के समय लब्बू अपनी पत्नी व बच्चों समेत घर नहीं था। बल्कि उसकी विधवा मां दलबीर कौर घर में अकेली थी। इसी तरह सुखदेव सिंह सोनू के घर में उसकी बेटी सुखमनप्रीत कौर अकेली थी। जहां सरपंच ने गुंडागर्दी करते उनके घरेलू सामान को आग लगाई। आरोप है कि सरपंच बलदेव सिंह गोरा के हाथ में पिस्टल था। जबकि दो साथी बोतलों में पेट्रोल भरकर लाए थे।
जारी किया गया मुआवजा
डीसी राहुल कुमार ने मामले की जांच के आदेश दिए। जिसके बाद एसडीएम संजीव शर्मा राजस्व विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवारों के बयान दर्ज करके पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना श्री गोइंदवाल साहिब में केस दर्ज किया। बाद में प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई के तौर पर मुआवजा जारी कर दिया गया।
सियासी तूल जोरों पर
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा, शिअद से संबंधित पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने घटनाक्रम का संज्ञान लेते कहा है कि विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के जेल से रिहा होते ही उनके रिश्तेदारों द्वारा जशन मनाने के नाम पर गरीब परिवारों के घरों को जलाया जा रहा है। जो सबसे बड़ा गुनाह है। विधायक लालपुरा का कहना है कि मैंने किसी कार्यकर्ता या परिवार के सदस्यों को कोई छूट नहीं दे रखी। अगर किसी ने कानून हाथ में लिया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होना जायज है।
अमर उजाला