आतंक का चरमपंथी मॉड्यूल खड़ा कर रही ISI , पंथ के नाम पर कर रहे गुमराह
बॉर्डर स्टेट पंजाब सीमा पार से हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी के मद्देनजर बहुत संवेदनशील सूबा है क्योंकि तस्करी के साथ-साथ पाकिस्तान और खालिस्तानी समर्थक इस सूबे की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ी चुनाैती बने हुए हैं।
08 मई, 2026 – चण्डीगढ़-पंजाब : पंजाब में एक बार फिर आतंक का चरमपंथी मॉड्यूल खड़ा करने की बड़ी साजिश चल रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI इस मॉड्यूल के जरिये पंजाब की शांति को भंग कर सूबे को उसी दाैर में झोंकना चाहती है, जिसका दंश अस्सी और नब्बे के दशक में पंजाब झेल चुका है।
इस साजिश को पाकिस्तान की सरजमीं पर रचा जा रहा है जिसमें मलयेशिया, अमेरिका, कनाडा समेत अन्य देशों में बैठे खालिस्तानी पूरा समर्थन दे रहे हैं। ये विदेशी हैंडलर इस मॉड्यूल के लिए ISI को पंजाब में ही स्थानीय नेटवर्क व फंड उपलब्ध करवा रहे हैं। विस्फोटक, हैंड ग्रेनेड व अन्य हथियार और उपकरण ISI मुहैया करवा रही है।
पंजाब पुलिस के एक अफसर ने बताया कि सूबे में आतंकियों और गैंगस्टरों के गठजोड़ का मॉड्यूल तो सक्रिय है ही मगर पिछले दिनों कुछ घटनाएं ऐसी हुई हैं जिसके बाद ISI समर्थित खालिस्तानी कट्टरपंथी आतंकी मॉड्यूल भी सामने आया है।
निष्क्रिय लेकिन पुराना माॅडल है
ये मॉड्यूल नया नहीं है मगर फिलहाल निष्क्रिय चल रहा था क्योंकि अधिकतर खालिस्तानी कट्टरपंथी पाकिस्तान समेत अन्य देशों में शिफ्ट हो चुके हैं। वहीं से ये कट्टरपंथी सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को पंथ के नाम पर गुमराह कर रहे हैं। पंजाब पुलिस के अफसर बताते हैं कि अब चूंकि पंजाब में गैंगस्टरों के खिलाफ बड़ा अभियान छिड़ा हुआ है। उनका नेटवर्क ध्वस्त किया जा रहा है, लिहाजा देश विरोधी ताकतों के लिए आतंकी-गैंगस्टर मॉड्यूल के जरिये अभी सूबे में दहशत फैलाना आसान नहीं है। इसी के चलते उन्होंने अब आतंक का कट्टरपंथी मॉड्यूल एक्टिव कर दिया है। पिछले दिनों शंभू-राजपुरा रेल ट्रैक धमाका और सरहिंद रेल ट्रैक धमाके को इन्हीं कट्टरपंथियों ने अंजाम दिया था। अब जालंधर और अमृतसर में करवाए गए धमाकों के पीछे भी यही मॉड्यूल सामने आ रहा है।
कट्टरपंथी संगठनों का सहारा
विदेशों में बैठे खालिस्तानियों ने कुछ कट्टरपंथी संगठन बना रखे हैं जो पंथ विशेष की बातें कर खासकर किशोरों और युवाओं को सोशल मीडिया के जरिये गुमराह कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ संगठनों को पंजाब पुलिस ने चिह्नित किया है। ये खालिस्तानी युवाओं व किशोरों को ऐसे संगठनों के सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्माें को फाॅलो करने के लिए प्रेरित करते हैं और उसके बाद पंथ के नाम पर उनका ब्रेन वाॅश किया जाता है।
ट्रेनिंग के लिए भेजते हैं विदेश
पंजाब पुलिस के एक अफसर ने बताया कि पिछले दिनों काबू किए गए कुछ कट्टरपंथी आरोपियों से पूछताछ में यह खुलासा हुआ था पंजाब के युवाओं का ब्रेन वाॅश करने के बाद उन्हें सूबे में आतंकी घटनाओं के लिए तैयार किया जाता है। इसकी ट्रेनिंग व टास्क के लिए उन्हें मलयेशिया व अन्य देशों में सक्रिय खालिस्तानी समर्थकों के पास भेजा जाता है। उन्हें रुपयों का भी लालच दिया जाता है। इसके लिए कम पढ़े लिखे, अशिक्षित, बेरोजगार या कम आय वाले युवाओं को विशेष रूप से टारगेट किया जा रहा है।
अमर उजाला