पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष और ऊर्जा संकट के भयावह परिणामों को लेकर दुनिया को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति नहीं बदली तो पिछले दशक की प्रगति खत्म हो जाएगी और करोड़ों लोग फिर से गरीब हो जाएंगे।
18 मई, 2026 – नई दिल्ली : पिछले ढ़ाई महीने से चल रहे पश्चिम एशिया संघर्ष के समाप्त होने की संभावना कम होते देख पीएम नरेन्द्र मोदी ने इसके बहुत ही भयावह परिणाम को लेकर दुनिया को चेतावनी दी है।
उन्होंने कोरोना और उसके बाद मौजदा संघर्ष के संदर्भ मे कहा कि अगर स्थिति नहीं बदली तो पिछले एक दशक में जो प्रगति हुई है उस पर पानी फिर जाएगा और करोड़ों लोग फिर से गरीब हो जाएंगे। पीएम ने यह बात नीदरलैंड की राजधानी राटरडैम में कही है। वह चार यूरोपीय देशों के दौरे के पहले चरण में शनिवार को सुबह वहां पहुंचे हैं और सबसे पहले भारतवंशियों के एक समूह को संबोधित किया।
मोदी ने कहा कि, “भारत जब सफल होता है तो पूरी मानवता को उसका फायदा होता है। लेकिन आज मानवता के सामने अनेक बड़ी चुनौतियां भी हैं। आज की दुनिया, किस तरह नई-नई चुनौतियों से जूझ रही है। पहले कोरोना आया फिर युद्ध होने शुरू हुए और अब आज की ऊर्जा संकट है। ये दशक, दुनिया के लिए आपदाओं का दशक बन रहा है। हम सभी देख रहे हैं। अगर, ये स्थितियां तेजी से नहीं बदली गईं तो बीते अनेक दशकों की उपलब्धियों पर पानी फिर जाएगा। दुनिया की बहुत बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दलदल में चली जाएगी।”
पीएम मोदी का बयान
पीएम मोदी का यह बयान तब आया है जब भारत समेत कई देश ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं। हाल ही में विश्व बैंक व आइएमएफ सरीकी संस्थानों ने भी कहा है कि यूक्रेन संकट व उसके बाद ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच युद्ध का विपरीत असर पूरी दुनिया पर होगा, लेकिन विकासशील देशों पर सबसे ज्यादा होगा।
कुछ अन्य एजेंसियों ने भी कहा है कि विकासशील देशों में गरीबी घटाने, स्वास्थ्य और शिक्षा सुधारने तथा आर्थिक विकास के जो बड़े-बड़े कदम उठाए गए थे, वे सब उलटे पड़ सकते हैं।इसके साथ ही पीएम मोदी ने भारत-नीदरलैंड साझेदारी को नई दिशा देते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर विश्वसनीय, पारदर्शी व भविष्य के लिए तैयार आपूर्ति श्रृंखला बना रहे हैं।
दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा से लेकर जल सुरक्षा जैसे क्षेत्र में काफी करीबी तौर पर काम कर रहे हैं। भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल में हुआ ऐतिहासिक व्यापार समझौता इस साझेदारी को और मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि, “दुनिया का कोई भी देश हो, अगर उसे आगे बढ़ना है तो उसे बड़े सपने देखने ही होंगे।”
भारत भी बड़े सपने देख रहा है। देश अब सिर्फ बदलाव नहीं चाहता बल्कि सबसे बेहेतर और तेजी से बदलाव चाहता है। भारत की युवा पीढ़ी आसमान छूने को तैयार है। वे स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद बना रहे हैं, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत को विश्व पटल पर आगे ले जा रहे हैं।
भारत दुनिया का तीसरा बड़ा स्टार्टअप
आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश बन चुका है। मोदी ने कहा कि भारत की आकांक्षाएं अब अपनी सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। भारत ओलंपिक की मेजबानी करना चाहता है, वैश्विक विनिर्माण हब बनना चाहता है, ग्रीन एनर्जी लीडर बनना चाहता है और दुनिया का ग्रोथ इंजन बनना चाहता है।
इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए भारत ने अभूतपूर्व प्रयास शुरू किए हैं, रिकार्ड गति से हाईवे निर्माण रेलवे का अभूतपूर्व विद्युतीकरण किया गया है, वंदे भारत जैसी सेमी-हाईस्पीड ट्रेनें, दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार कर रहा है। बड़े से बड़ा लक्ष्य हो, भारत उसे पाकर ही रहेगा।
दैनिक जागरण