दो सिल्वर आया, तीन मेडल पक्के हो गए
2026 Commonwealth Games: कॉमनवेल्थ गेम्स के छठे दिन भारत को दो सिल्वर मेडल मिले। इसके साथ ही तीन बॉक्सरों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई और इससे तीन मेडल पक्के हो गए।
29 जुलाई, 2026 – ग्लास्गो: हरजिंदर कौर ने भारोत्तोलन के महिलाओं के 69 किग्रा वजन वर्ग में सिल्वर मेडल जीता जबकि गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर में दूसरा स्थान हासिल किया, जिससे भारत मंगलवार को यहां राष्ट्रमंडल खेलों में दो मेडल जीतने में सफल रहा। मुक्केबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगलवार को तीन और मेडल पक्के किए। मुक्केबाजी में अब भारत के चार मेडल पक्के हो गए हैं क्योंकि अनुभवी लवलीना बोरगोहेन सेमीफाइनल से अपना अभियान शुरू करेंगी जिससे उनका भी मेडल पहले से ही पक्का है। एशियाई खेलों की ब्रॉन्ज मेडल विजेता मुक्केबाज प्रीति पवार (54 किग्रा), मौजूदा एशियाई चैंपियन प्रिया घंघास (60 किग्रा ) और जादुमणि सिंह (55 किग्रा) ने अपने-अपने भार वर्ग के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के लिए मेडल सुनिश्चित कर दिए।
हरजिंदर ने ब्रॉन्ज को सिल्वर में बदला
बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में 71 किग्रा वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल तीने वाली 29 वर्षीय हरजिंदर ने अपने करियर के बेस्ट प्रदर्शनों में से एक करते हुए भारोत्तोलन में भारत के लिए मौजूदा खेलों का सातवां मेडल हासिल किया। हरजिंदर ने स्पर्धा के दौरान तीनों वर्ग (स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल वजन) में अपना निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। पंजाब के नाभा की रहने वाली पांच फीट तीन इंच की हरजिंदर ने स्नैच में दो बार राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बेहतर किया। उन्होंने पहले 99 किग्रा वजन उठाकर नया रिकॉर्ड बनाया और फिर अंतिम प्रयास में 101 किग्रा वजन उठाकर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया।
क्लीन एवं जर्क में भी उन्होंने रिकॉर्ड प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने पहले 123 किग्रा और फिर 126 किग्रा वजन सफलतापूर्वक उठाया जिससे उनका कुल वजन 227 किग्रा रहा। हालांकि उनके शानदार प्रदर्शन के बावजूद कनाडा की चार्लोट सिमोनो ने असाधारण प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। सिमोनो ने तीनों वर्ग (स्नैच, क्लीन एवं जर्क और कुल वजन) में राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने स्नैच में 108 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 132 किग्रा वजन उठाकर कुल 240 किग्रा का नया राष्ट्रमंडल खेल रिकॉर्ड बनाया।
10000 मीटर में पहली बार भारत को मेडल
कॉमनवेल्थ गेम्स इतिहास में गुलवीर सिंह पुरुष 10 हजार मीटर स्पर्धा में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष एथलीट बन गए। गुलवीर ने अंतिम लैप में जबरदस्त तेजी दिखाते हुए 27 मिनट 49.78 सेकेंड का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहते हुए भारत की झोली में सिल्वर मेडल डाला। ऑस्ट्रेलिया के काई रॉबिन्सन ने 27 मिनट 48.93 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
बॉक्सिंग में तीन मेडल पक्के हो गए
मुक्केबाजी में महिलाओं के 54 किग्रा वर्ग में उतरीं 22 वर्षीय प्रीति पवार ने उत्तरी आयरलैंड की निकोल क्लाइड को एकतरफा मुकाबले में 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर अंतिम चार में प्रवेश कर कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर किया। महिलाओं के 60 किग्रा वर्ग में मौजूदा एशियाई चैंपियन 20 वर्षीय प्रिया घंघास ने स्कॉटलैंड की स्थानीय दावेदार नियाम मिशेल को 4-1 के खंडित फैसले से हराया। पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग में जादुमणि सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में दिन का तीसरा मेडल पक्का किया। जादुमणि ने क्वार्टरफाइनल में जाम्बिया के म्वेंगो म्वाले को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। पूर्व एशियाई चैंपियन और विश्व चैंपियनशिप की ब्रॉन्ज मेडल विजेता परवीन हुड्डा को हालांकि महिलाओं के 65 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा।
विशाल टीके सेमीफाइनल में पहुंचे
राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी भारतीय धावक विशाल टीके ने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में प्रवेश कर देश की मेडल उम्मीदों को जीवित रखा।इस स्पर्धा में एक अन्य भारतीय राजेश रमेश अगले दौर में जगह बनाने से चूक गए। तमिलनाडु के 22 वर्षीय विशाल ने इसी वर्ष मई में 44.98 सेकेंड का समय निकालकर 45 सेकेंड की बाधा तोड़ने वाला पहला भारतीय बनने की उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया थ। पुरुष 400 मीटर के सेमीफाइनल मुकाबले 30 जुलाई को आयोजित होंगे।
भारत की पुरुष लॉन बॉल्स जोड़ी ने सेक्शन बी के पुरुष पेयर्स वर्ग के पहले दौर के दूसरे मुकाबले में कुक आइलैंड्स को रोमांचक टाईब्रेकर में हराया।भारतीय जोड़ी के लीड नवनीत सिंह और स्किप दिनेश कुमार ने धीमी शुरुआत की और शुरुआती बढ़त लेने के बावजूद पहला सेट 2-5 से गंवा दिया।पोइला एपीई और जेसन लिंडसे की कुक आइलैंड्स की जोड़ी के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे सेट में शानदार वापसी की। मुकाबले में नवनीत और दिनेश ने अधिकतर समय मामूली बढ़त बनाए रखी और दबाव के क्षणों में संयम दिखाते हुए दूसरा सेट 6-5 से जीत लिया, जिससे मुकाबला टाईब्रेकर तक पहुंच गया। निर्णायक टाईब्रेकर में भारतीय जोड़ी ने अपना धैर्य बनाए रखा और 1-0 से जीत दर्ज कर मुकाबला अपने नाम किया।
भारतीय पैरा तैराक रवि वीरा वेंकट भवन बुदिगिना और अली इमामपुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा के फाइनल में क्रमश: छठे और आठवें स्थान पर रहते हुए मेडल जीतने में नाकाम रहे। छठे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाने वाले बुदिगिना मेडल रेस में भी 25.68 सेकेंड का समय लेकर छठा स्थान ही हासिल किया। इमाम ने भी अपनी क्वालीफाइंग वाले नतीजे को ही दोहराया और 28.28 सेकेंड के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे।
नवभारत टाइम्स