ब्राह्मण रेजीमेंट में नौकरी, पहलवानी का तगड़ा शौक, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की कहानी
National Sports Day 2026: देश में मेजर ध्यानचंद का नाम भारतीय हॉकी का पर्याय है। 1925 से 1949 तक देश के लिए खेलने वाले मेजर ध्यानचंद ने 185 मैच में 1500 से ज्यादा गोल किए। 1928, 1932 और 1936 में भारत को लगातार तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने में उनका अहम रोल था।

29 अगस्त, 2026 – नई दिल्ली: आज मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन है, जिसे देश में राष्ट्रीय खेल दिवस के तौर पर मनाया जाता है। हिंदुस्तान के खेल इतिहास में मेजर ध्यानचंद का रुतबा सबसे ऊंचा है। अगर वह जिंदा होते तो आज अपना 119वां जन्मदिन मना रहे होते। 29 अगस्त 1905 को इलाहाबद (मौजूदा प्रयागराज) में समेश्वर दत्त सिंह और श्रद्धा सिंह के घर जन्म हुआ था। ‘हॉकी के जादूगर’ के रूप में जाने जाने वाले ध्यानचंद ने 1928, 1932 और 1936 में भारत को तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। प्यार से उन्हें ‘दद्दा’ कहते हैं।
सेना और पहलवानी
आपको जानकर हैरानी होगी कि मेजर ध्यानचंद का पहला प्यार हॉकी नहीं बल्कि पहलवानी था। उनका असली नाम ध्यान सिंह था। बचपन में वह कुश्ती किया करते थे। मात्र 16 साल की उम्र में वह भारतीय सेना में शामिल हो गए। सेना में रहते हुए ही उन्होंने ब्राह्मण रेजीमेंट में मेजर रहे तिवारी से हॉकी खेलना सीखा। 13 मई 1926 में भारत के लिए अपना पहला मैच न्यूजीलैंड में खेला। साल 1948 में मेजर ने हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा की थी। भारत सरकार ने साल 2021 में भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान का नाम राजीव गांधी खेल रत्न से बदलकर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार कर दिया।
बेटे ने किया मूर्ति का अनावरण
राष्ट्रीय खेल दिवस के शुभ अवसर पर मध्य प्रदेश के जबलपुर में मेजर ध्यानचंद के ओलंपियन बेटे अशोक कुमार ने अपने पिता की प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान कई गणमान्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में बोलते हुए अशोक कुमार भावुक हो गए। उन्होंने कहा, एक खिलाड़ी, सैनिक, नागरिक और पिता के रूप में मेजर ध्यानचंद ने नए मानदंड स्थापित किए… यह मेरे लिए गर्व का क्षण है।’
राष्ट्रीय खेल दिवस का महत्व
राष्ट्रीय खेल दिवस कैलेंडर की एक तारीख से कहीं ज्यादा है। यह राष्ट्र को एकजुट करने, प्रेरित करने और बदलाव लाने के लिए खेल की शक्ति की याद दिलाता है। हर साल, इस दिन उन अनगिनत एथलीटों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिन्होंने वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन किया है। राष्ट्रीय खेल दिवस हर भारतीय के लिए शारीरिक फिटनेस अपनाने, खेलों में भाग लेने के साथ-साथ स्वस्थ और सक्रिय जीवन शैली के महत्व को समझने का आह्वान भी है।
नवभारत टाइम्स