ਲੋਹੜੀ ਉੱਤਰੀ ਭਾਰਤ ਦੇ ਰਾਜਾਂ ਪੰਜਾਬ, ਹਰਿਆਣਾ, ਹਿਮਾਚਲ ਪ੍ਰਦੇਸ਼, ਰਾਜਸਥਾਨ ਅਤੇ ਜੰਮੂ-ਕਸ਼ਮੀਰ ਵਿੱਚ ਬੜੀ ਧੂਮ ਧਾਮ ਨਾਲ ਮਨਾਇਆ ਜਾਣ ਵਾਲਾ ਸਰਬ ਸਾਂਝਾ ਤਿਉਹਾਰ ਹੈ। ਇਹ ਤਿਉਹਾਰ ਖੇਤੀਬਾੜੀ ਅਤੇ ਫ਼ਸਲਾਂ ਨਾਲ ਸਿੱਧੇ ਤੌਰ ’ਤੇ ਜੁੜਿਆ ਹੋਇਆ ਹੋਣ ਕਰਕੇ ਪੁਰਾਤਨ ਸਮੇਂ ਤੋਂ ਹੀ ਇਸ ਦੀ ਬਹੁਤ ਜ਼ਿਆਦਾ ਮਹੱਤਤਾ ਬਣੀ ਰਹੀ ਹੈ। ਪਹਿਲਾਂ ਜ਼ਮੀਨਾਂ … [Read more...] about ਪੁੱਤ ਦੀ ਨਾ ਧੀ ਦੀ, ਲੋਹੜੀ ਹਰ ਨਵੇਂ ਜੀਅ ਦੀ
अनंत संभावनाओं को समेटे है हिंदी, विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर
विश्व हिंदी दिवस हिंदी के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, वर्तमान स्थिति और भविष्य की संभावनाओं पर विचार का अवसर है। इस वर्ष प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन के 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जिसने वैश्विक स्तर पर हिंदी के प्रचार-प्रसार की नींव रखी। भारत की आर्थिक प्रगति, भूमंडलीकरण और मनोरंजन उद्योग … [Read more...] about अनंत संभावनाओं को समेटे है हिंदी, विश्वभाषा बनने की ओर अग्रसर
भाई लखी शाह वंजारा : गुरु तेग बहादुर का पार्थिव शरीर ले उड़ा ‘बूढ़ा शेर’?
भाई लखी शाह वंजारा: सच्चे गुरसिख, दूरदृष्टा व्यापारी और साझा संस्कृति के सेतु भाई लखी शाह वंजारा सत्रवी 17 वीं शताब्दी के समय सिल्क और स्पाइस रूट के सबसे बड़े और सफल लोजेस्टिक इम्पायर के मालिक थे लेखक: सुनील दत्त, पूर्व डायरेक्टर, पंजाबी साहित्य अकादमी भाई लखी शाह … [Read more...] about भाई लखी शाह वंजारा : गुरु तेग बहादुर का पार्थिव शरीर ले उड़ा ‘बूढ़ा शेर’?
भारतीय कूटनीति की परीक्षा का समय, विदेश नीति की सबसे बड़ी चुनौती
बड़ा सवाल यह है कि भारत के तमाम सहयोग और राहत की नीतियों के बावजूद ये देश चीन और पाकिस्तान की तरफ क्यों झुके जाते हैं, जिनकी नीतियों की वजह से कर्ज और जिहादी आतंक के संकटों से घिर जाते हैं? चीन के अलावा अब ट्रंप और सऊदी का समर्थन मिलने से इतराए पाकिस्तान का उपाय करने के साथ-साथ … [Read more...] about भारतीय कूटनीति की परीक्षा का समय, विदेश नीति की सबसे बड़ी चुनौती
1000 साल ; आस्था और सृजन की शक्ति का प्रतीक सोमनाथ
आशा बिखेरता हुआ प्रकाशमान खड़ा है मंदिर सोमनाथ मंदिर भारत की आस्था और गौरव का प्रतीक है, जिसने विदेशी आक्रमणों के बावजूद अपनी पहचान बनाए रखी। 1026 में महमूद गजनवी के हमले के 1000 साल और 1951 में पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे होने पर, यह मंदिर विध्वंस पर सृजन की शक्ति का संदेश देता … [Read more...] about 1000 साल ; आस्था और सृजन की शक्ति का प्रतीक सोमनाथ




