किसी क्षेत्र में पहल करने वाला देश ही सही अर्थों में आत्मनिर्भर होता है। अगर भारत को सही अर्थों में आत्मनिर्भर बनाना है और विश्व को अपने पर निर्भर बनाना है तो यह देखना होगा कि आज से दस-बीस साल बाद दुनिया की आवश्यकता क्या होगी और उन तकनीकों पर अभी से अनुसंधान और निवेश करना होगा, … [Read more...] about आत्मनिर्भर बनने का सही रास्ता, भारत बनेगा वैश्विक आर्थिक महाशक्ति
Economics
अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकते गांव
यह समय की मांग है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के अंतिम छोर तक मजबूत गैर-बैंकिग वित्तीय कंपनियों (NBFC) की भूमिका को प्रभावी बनाया जाए। गांवों में प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना का तेजी से विस्तार करना होगा। इससे छोटे किसानों की संस्थागत ऋण तक पहुंच बढ़ाई जा सकेगी। देश को 2047 तक विकसित … [Read more...] about अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकते गांव
अर्थव्यवस्था को गति देने वाला कदम, नए श्रम सुधार से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ये नई श्रम संहिताएं वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये परिवर्तन श्रमिकों और उद्यमियों दोनों को सशक्त बनाने के साथ ही एक समृद्ध, समावेशी और प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था की संस्थागत नींव रखते हैं। गौरव … [Read more...] about अर्थव्यवस्था को गति देने वाला कदम, नए श्रम सुधार से अर्थव्यवस्था को मिलेगा बूस्ट
विकास का भारतीय अनुभव, दर्शन और 2047 की राह
भारत का लक्ष्य केवल आधारभूत ढांचे का केंद्र बनना नहीं, बल्कि वैश्विक नवाचार और ऊर्जा का भी केंद्र बनना है। ग्राम स्वावलंबन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने वाले ढांचे पर बल देना होगा। क्योंकि यही एकात्म मानव दर्शन को साकार करने का मार्ग है। “विेकसित भारत 2047” केवल … [Read more...] about विकास का भारतीय अनुभव, दर्शन और 2047 की राह
ਇੱਕ ਖਿਝਿਆ ਹੋਇਆ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਪ੍ਰਧਾਨ
ਫ਼ਿਲਹਾਲ ਇਹ ਕਹਿਣਾ ਮੁਸ਼ਕਲ ਹੈ ਕਿ ਵਪਾਰ ਸਮਝੌਤੇ ’ਤੇ ਜਾਰੀ ਗੱਲਬਾਤ ਦਾ ਕੀ ਹੋਵੇਗਾ, ਪਰ ਇੰਨਾ ਤਾਂ ਹੈ ਕਿ ਜੇ ਟਰੰਪ ਟੈਰਿਫ ’ਤੇ ਰਵੱਈਆ ਨਹੀਂ ਬਦਲਦੇ ਤਾਂ ਕੁਝ ਭਾਰਤੀ ਉਦਯੋਗਾਂ ਨੂੰ ਨੁਕਸਾਨ ਹੋ ਸਕਦਾ ਹੈ, ਕਿਉਂਕਿ ਇੰਡੋਨੇਸ਼ੀਆ, ਵੀਅਤਨਾਮ ਵਰਗੇ ਦੇਸ਼ਾਂ ’ਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਨੇ ਭਾਰਤ ਤੋਂ ਘੱਟ ਟੈਰਿਫ ਲਾਇਆ ਹੈ। ਸੰਜੇ ਗੁਪਤ ਆਖ਼ਰਕਾਰ … [Read more...] about ਇੱਕ ਖਿਝਿਆ ਹੋਇਆ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਪ੍ਰਧਾਨ




