अब कितने दिन बाद मिलेगा अगला सिलेंडर?
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा बाहर से मंगाता है। एलपीजी गैस भी भारत कतर, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों से आयात करता है। इसलिए जब उस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो भारत की गैस सप्लाई पर भी असर पड़ता है।
12 मार्च, 2026 – मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की आम जनता तक पहुंचने लगा है। इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के कारण खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। खासतौर पर समुद्री रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तनाव की वजह से अस्थिर हो गया है। यह रास्ता दुनिया में तेल और गैस के व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर यहां समस्या होती है तो पूरी दुनिया में ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित हो जाती है।
एलपीजी बुकिंग के नियम सख्त- भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा बाहर से मंगाता है। एलपीजी गैस भी भारत कतर, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों से आयात करता है। इसलिए जब उस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो भारत की गैस सप्लाई पर भी असर पड़ता है। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने कुछ नए नियम लागू किए हैं ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कमी न हो। अब गैस सिलेंडर बुक करने के नियम में बदलाव किया गया है। पहले लोग पिछले सिलेंडर की डिलीवरी के 21 दिन बाद नया सिलेंडर बुक कर सकते थे। लेकिन अब यह समय बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। यानी अब उपभोक्ताओं को नया सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन इंतजार करना होगा। सरकार का कहना है कि इससे गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सकेगा।
गैस की कीमतें बढ़ीं- इसके साथ ही गैस डिलीवरी की प्रक्रिया भी सख्त कर दी गई है। कई शहरों में अब सिलेंडर लेते समय ओटीपी वेरिफिकेशन जरूरी कर दिया गया है। कुछ जगहों पर बायोमेट्रिक जांच भी शुरू की गई है, ताकि गैस सही उपभोक्ता तक पहुंचे और उसका गलत इस्तेमाल न हो। इस बीच गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर की कीमत करीब 60 रुपये बढ़ गई है। वहीं 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर के दाम लगभग 115 रुपये बढ़ गए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि भारत में गैस की कीमतें अभी भी श्रीलंका और पाकिस्तान से कम हैं। सबसे ज्यादा असर कमर्शियल सेक्टर पर पड़ रहा है। कई शहरों में होटल, रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों को मिलने वाले गैस सिलेंडर कम कर दिए गए हैं। पुणे, मुंबई और नागपुर जैसे शहरों में इसकी कमी महसूस की जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसके अलावा कई छोटे होटल और ढाबों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। पंजाब सहित कुछ राज्यों में कमर्शियल और औद्योगिक सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल रोक दी गई है या सीमित कर दी गई है।
पांचजन्य