पंजाब में AAP की महिला विधायक ने सरकारी जमीनों के रिकार्ड में हेराफेरी कर जुटाए करोड़ों
पंजाब के मोगा से आम आदमी पार्टी की विधायक पर सरकारी जमीनों के रिकॉर्ड में हेराफेरी कर करोड़ों की संपत्ति हासिल करने का आरोप है।
07 नवंबर, 2026 – चंडीगढ़ : पंजाब के लगभग सभी मंत्री पिछले दो दिनों से एक दावा कर रहे हैं कि ईडी ने अपनी रेड के दौरान मोगा की विधायक को भाजपा में शामिल करने के लिए दबाव बनाया है। ईडी ने 4 नवंबर को मोगा में विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के घर रेड की थी जो दो दिनों तक चली। पार्टी आरोप लगा रही है कि ईडी ने विधायक को भाजपा में शामिल होने का कथिततौर पर दबाव बनाया और मंत्री पद का आफर दिया।
क्या है मामला
पंजाब के मोगा से आम आदमी पार्टी की विधायक पर सरकारी जमीनों के रिकॉर्ड में हेराफेरी कर करोड़ों की संपत्ति हासिल करने का आरोप है। प्रवर्तन निदेशालय की जांच में केंद्र और पंजाब सरकार, नगर निगम और एक धार्मिक संस्था की 5 जमीनों के फर्जी ट्रांसफर का खुलासा हुआ है। ईडी का दावा है कि इन जमीनों को राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और फर्जी दस्तावेजों के जरिए आप विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा के रिश्तेदारों और अन्य लोगों के नाम कराया गया। इसके अलावा नेशनल हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले 1 करोड़ 65 हजार 724 रुपए का मुआवजा गलत तरीके से हासिल किया गया। ईडी ने 4 नवंबर को विधायक के 7 ठिकानों पर 36 घंटों तक रेड की थी, जिसमें ये दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है।
रिश्तेदारों के नाम से हेराफेरी
आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज तैयार कर इन जमीनों को विधायक के रिश्तेदारों और अन्य संबंधित लोगों के नाम कराया गया। एजेंसी इन संपत्तियों को अपराध से अर्जित आय से जोड़कर जांच कर रही है।
मुआवजा गलत तरीके से लेने का आरोप
मामला मोगा के गांव अधरमान की सरकारी जमीन से भी जुड़ा है। आरोप है कि जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी कर नेशनल हाईवे नंबर 754 के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले 1 करोड़ रुपए से ज्यादा का मुआवजा हासिल किया गया।
दिलकुश कुमारी के खाते में जमा हुई रकम
जांच में सामने आया कि यह रकम दिलकुश कुमारी नाम की महिला के बैंक खाते में जमा हुई थी, जिसे बाद में बैंक ने फ्रीज कर दिया। एजेंसी का आरोप है कि विधायक, उनके पति और अन्य सहयोगियों की इस रकम को दूसरी जगह भेजने और गबन करने में भूमिका रही।
रिहायशी संपत्ति खरीद कैश से पेमेंट का संदेह
जांच में मोगा की एक रिहायशी संपत्ति की खरीद का मामला भी सामने आया है। आशंका है कि इसे खरीदने में बेहिसाब कैश का इस्तेमाल किया गया। एजेंसी इस लेन-देन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। रेड के दौरान विधायक के घर के बाहर पुलिस बल तैनात रहा था। वहीं, सीआरपीएफ जवान अंदर थे।
कहां से शुरू हुई जांच
ईडी ने यह जांच मोगा के धर्मकोट थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इसमें पटवारी नवदीप सिंह, दिलकुश कुमारी और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पंजाब पुलिस इस मामले में पटवारी नवदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है।
7 ठिकानों से दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद
इन खुलासों के बाद श्वष्ठ के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस ने 4 नवंबर 2026 को विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा, उनके परिवार और रिश्तेदारों के 7 ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें विधायक से जुड़ा अस्पताल और नशा मुक्ति केंद्र भी शामिल था। तलाशी के दौरान कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य साक्ष्य मिले हैं। श्वष्ठ के मुताबिक, बरामद सामग्री से कथित बेनामी संपत्तियों के संकेत मिले हैं। इनकी जांच जारी है। फिलहाल ईडी की इस कार्रवाई से पूरी पंजाब सरकार हिली हुई नजर आ रही है।
पांचजन्य