435 यूनिटों वाले फोकल प्वाइंट में बिजली का सब-स्टेशन नहीं
अमृतसर के फोकल प्वाइंट में उद्योगपतियों ने ट्रेड कमीशन के समक्ष बिजली सब-स्टेशन, फायर स्टेशन, सफाई और सीवरेज जैसी कई समस्याओं को उठाया।
20 जून, 2026 – अमृतसर : पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों पर ट्रेड कमिशन की उद्योगपतियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें फोकल प्वाइंट की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर समस्याएं सामने रखी गई, जिनमें प्रमुख तौर पर पंजाब स्माल स्केल इंडस्ट्री एंड एक्सपोर्ट कारपोरेशन (PSIEC) की ओर से बिजली के सब स्टेशन और फायर स्टेशन के लिए अभी तक जगह न देना शामिल रहीं।
इसके अलावा उद्योगपतियों द्वारा कूड़ा लिफ्टिंग की व्यवस्था नहीं होने, सफाई कर्मचारियों का अभाव, सीवरेज जाम की समस्याएं भी ट्रेड कमिशन के समक्ष रखीं। इस मीटिंग में विधायक जीवनजोत कौर विशेष तौर पर शामिल रहीं। उनके अलावा पीएसआइइसी के वाइस चेयरमैन जसकरन बंदेशा व ट्रेड कमीशन के चेयरमैन कपिल चड्ढा भी मौजूद थे।
फोकल प्वाइंट इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप खोसला ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ करीब तीन साल बैठक हुई थी, जिसमें उन्होंने 435 यूनिटों वाले फोकल प्वाइंट में फायर स्टेशन स्थापित करने की मांग रखी थी।
दो गाड़ियां फोकल प्वाइंट पहुंची
मुख्यमंत्री के आदेशों पर उसी दिन शाम पांच बजे तक फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां फोकल प्वाइंट पहुंच गई थी। उन्होंने ट्रेड कमिशन के समक्ष अपनी समस्याओं को रखते हुए कहा कि पंजाब स्मॉल स्केल इंडस्ट्री एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन की तरफ से बिजली के सब-स्टेशन और फायर स्टेशन के लिए अभी तक जगह नहीं मिली है। अस्थायी फायर स्टेशन की हालत जर्जर है, उन्होंने मांग करते कहा कि सब-स्टेशन व फायर स्टेशन के लिए जगह उपलब्ध कराई जाए।
कूड़ा लिफ्टिंग की व्यवस्था की जाए। सफाई कर्मचारी उपलब्ध कराए जाएं। पीएसआइइसी की तरफ से 10 माली दिए जाएं। बरसाती मौसम में सीवरेज जाम की समस्या पैदा न हो, इसलिए समय पर डीसिल्टिंग कराना यकीनी बनाया जाए।
रेलवे लाइनों के साथ लगती सड़क के निर्माण कार्य की बाधाओं को दूर किया जाए। सड़कों पर पड़े गड्ढों को ठीक कराया जाए, कई जगहों पर टाइलों का काम अधूरा छोड़ दिया गया है उसे पूरा कराया जाए।
20 सीसीटीवी कैमरे चल रहे हैं। 50 और कैमरे लगाए जाएं ताकि फोकल प्वाइंट के समस्त एरिया पर निगरानी रखी जा सके। संदीप खोसला ने बताया कि एक जुलाई से प्राइवेट सिक्योरिटी की सेवाएं लेने जा रहे हैं ताकि फोकल प्वाइंट में चोरी की वारदातों पर अंकुश लग सके। उन्होंने विधायक जीवनजोत कौर, एसीपी रविंदर सिंह और एसएचओ अमनदीप कौर को इसका शुभारंभ करने के लिए आमंत्रित किया।
फोकल प्वाइंट इंडस्ट्री वेलफेयर एसोसिसएशन के पैटर्न इन चीफ कमल डालमिया ने कहा कि फोकल प्वाइंट से करीब 25 हजार मजदूर वर्ग जुड़ा हुआ है। उनमें से 10 हजार के करीब बीमाकृत है।
इसके लिए 40 सालों से प्लाट रिजर्व पड़ा है। हमारी मांग है कि पीएसआइइसी उसे ईएसआई के सुपुर्द करे ताकि जहां ईएसआई डिस्पेंसरी स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू हो सके और मजदूर वर्ग सेहत सुविधाओं का बिना किसी मुश्किल के लाभ उठा सकें। वर्तमान में उन्हें 6-7 किलोमीटर दूर मजीठा रोड पर स्थित ईएसआई अस्पताल में जाना पड़ रहा है, जिससे उनके समय और पैसों की बर्बादी होती है।
फैक्ट्री में सीवरेज का दूषित पानी एक हफ्ते से भरा हुआ: शुभम शर्मा
शुभम शर्मा ने सीवरेज की समस्या को ट्रेड कमिशन के सामने रखते हुए कहा कि पिछले करीब एक सप्ताह से सीवरेज का पानी फैक्ट्री अंदर भरा हुआ है।
संबंधित अधिकारियों को इसकी शिकायत कर रखी है मगर आगे से एक ही जवाब मिल रहा है कि दूषित पानी बाहर निकालने के लिए मशीन नहीं है। वह मशीन किसी अन्य इलाके में लगी हुई है। इस पर विधायक जीवनजोत कौर ने कहा कि अगले 1-2 दिनों में सुपर सक्कर मशीन का प्रबंध करके समस्या से निजात दिला दी जाएगी।
फोकल प्वाइंट की कायाकल्प कर दी, अब वल्ला सब्जी मंडी पर ध्यान: जीवनजोत कौर
विधायक जीवनजोत कौर ने कहा कि फोकल प्वाइंट की कायाकल्प कर दी गई है। अब सिर्फ संवारने का काम बाकी है। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि सुर्खी बिंदी तो लगती रहेगी।
उन्होंने कहा कि फोकल प्वाइंट के बाद वल्ला सब्जी मंडी की कायाकल्प करने की योजना है। उसकी चारदीवारी की जाएगी, कचरे की समस्या का समाधान किया जाएगा। स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएगीं।
उन्होंने कहा कि उद्योगपतियों की तमाम मुश्किलों का समाधान पहल के आधार पर किया जाएगा। 1-2 दिनों के अंदर सुपर सक्कर मशीन लगाकर सीवरेज सिस्टम ठीक कराया जाएगा। सब-स्टेशन व फायर स्टेशन की जगह बारे भी मंथन किया जाएगा।
उद्योगपतियों की मुश्किलों जल्द समाधान होगा: बंदेशा
पीएसआइइसी के वाइस चेयरमैन जसकरन बंदेशा ने कहा कि पहले की सरकारों की गलत नीतियों ने राज्य की इंडस्ट्री का सत्यानाश कर दिया। व्यापारी दुखी होकर बाहरी राज्यों की तरफ पलायन कर गए।
पिछली सरकारों के चलते रोजगार के अवसर नहीं मिलने पर युवा विदेशों की तरफ रुख कर रहे हैं। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि अपनी मुश्किलें लिखित रूप में दें, कल से ही वह उस पर काम करना शुरू कर देंगे। उनकी कोशिश रहेगी कि सभी मुश्किलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए, कोई उद्योगपति निराश न हो।
दैनिक जागरण