जूनियर पार्टनर बनने का सवाल नहीं
पंजाब में बीजेपी ने अकाली दल से गठबंधन पर पुराना फॉर्मूला मानने से एक बार फिर इनकार कर दिया है। अमृतसर में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया कि पार्टी अब बराबरी की शर्तों पर ही गठबंधन करेगी। उन्होंने 2017 के गठबंधन फॉर्मूले को खारिज करते हुए कहा कि अब पंजाब में पार्टी को जूनियर पार्टनर बनकर रहना मंजूर नहीं है।
21 सितंबर, 2026 – चंडीगढ़ : पंजाब विधानसभा में बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल गठबंधन पर बातचीत कहां अटकी है, इसका इशारा शनिवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दे दिया। बीजेपी नेता ने कहा कि बीजेपी अकाली दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी। अगर भविष्य में दोनों पार्टियां साथ आती हैं तो सीटों के बंटवारा बराबरी की शर्तों पर होना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि किसी भी गठबंधन पर आखिरी फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा।
भगवंत मान सरकार पर बोला हमला
अमृतसर के रोजगार मेले में शिरकत करने पहुंचे हरदीप सिंह पुरी ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद पंजाब में बीजेपी की डबल इंजन सरकार बनेगी। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भगवंत मान के कुशासन के कारण पंजाब बुरी स्थिति में पहुंच गया है। लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। यहां तक कि जनता की सुरक्षा करने वाली पुलिस खुद असुरक्षित महसूस कर रही है।
अमृतसर में कारोबारियों से मिले हरदीप पुरी
हरदीप पुरी अमृतसर में स्थानीय व्यापारियों और उद्योगपतियों की मीटिंग में शामिल हुए। कारोबारियों ने मंत्री को बताया कि इंटरनेशनल बॉर्डर के पास होने के कारण अमृतसर में बिजनेस की बहुत संभावनाएं हैं और इसे हकीकत में बदलने के लिए केंद्र से खास सहयोग की मांग की। पुरी ने कहा कि वह जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान खोजने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि अमृतसर न केवल पंजाब की धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी है, बल्कि एक बड़ा बिजनेस सेंटर भी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्थानीय उद्योगों को सशक्त बनाने और इलाके में बिजनेस के अनुकूल माहौल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
बराबरी की शर्तों पर आगे होगा गठबंधन
बीजेपी-अकाली दल गठबंधन से जुड़े सवालों के जवाब में हरदीप पुरी ने बताया कि पंजाब के राजनीतिक हालात बदल गए हैं। अब 22 सीटों वाला पुराना फॉर्मूला अब काम नहीं करेगा और BJP जूनियर पार्टनर की भूमिका नहीं निभाएगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी अकाली दल से गठबंधन नहीं करेगी। अकाली दल के साथ भविष्य में कोई भी गठबंधन बराबरी की शर्तों पर ही हो सकता है। बता दें कि दोनों पार्टियां 2017 में आखिरी बार साथ में विधानसभा चुनाव लड़ी थी। तब शिरोमणि अकाली दल 94 और बीजेपी 23 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। 2022 के चुनाव से पहले दोनों दलों का गठबंधन टूट गया था। पुरी ने कहा कि बीजेपी पंजाब में ड्रग्स की समस्या से निपटने, कारोबार से जुड़ी चिंताओं को दूर करने और नौकरी के मौके बढ़ाने के लिए काम करेगी।
नवभारत टाइम्स