रजिन्द्र बंसल
केजरीवाल ने दिल्ली में यमुना के पानी में भारतीय जनता पार्टी व हरियाणा सरकार द्वारा जहर मिलाने के आरोप लगाये हैं। और आरोप भी सीना ठोक कर लगायें हैं जिसमें वो भारतीय जनता पार्टी, व हरियाणा सरकार पर दिल्ली में बड़े नर संहार की साज़िश की बात कर रहे हैं।
केजरीवाल का ब्यान
“आज जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में आने वाले पानी में जहर मिला कर भेज दिया है। ताकि दिल्ली के अन्दर अफरातफरी मच जाये, दिल्ली के लोग मर जायें।और उसका ब्लेम आम आदमी पार्टी के ऊपर आ जाये। मैं बी जे पी को कहना चाहता हूं ऐसा मत गिरिये, इस हद्द तक मत करिये।आप दिल्ली वालों को पराया समझते होंगे। हम दिल्ली के लोगों को अपना समझते हैं। दिल्ली के लोगों को पीने का पानी हरियाणा और उत्तर प्रदेश से मिलता है। हरियाणा में यमुना के रास्ते पीने का पानी आता है। भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा की सरकार ने दिल्ली में यमुना से आने वाले पानी में जहर मिला के भेज दिया है।ये तो हमारे भला हो हमारे दिल्ली जल बोर्ड के इंजनियर का जो उन्होंने पकड़ लिया।
उन्होंने दिल्ली के बार्डर पर ही वो पानी रोक दिया।उस पानी को दिल्ली के अन्दर नहीं आने दिया।अगर वो पानी दिल्ली के अन्दर आ जाता और पीने के पानी में मिल जाता।दिल्ली के अन्दर न जाने कितने लोगों की मौत हो जाती। एक मास जैनोसाईट हो जाता दिल्ली के अन्दर ,ये पानी जो दिल्ली की भारतीय जनता पार्टी की हरियाणा सरकार ने दिल्ली में भेजा है, इसके अन्दर उन्होंने ऐसा जहर मिलाकर भेजा है ।जिसका दिल्ली में जो वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स है उसमें भी उसकी सफाई नहीं हो सकती। और इसकी वजह से लगभग एक तिहाई दिल्ली के अन्दर पीने के पानी की कमी हो गई।
मैं दिल्ली के लोगों को कहना चाहता हूं कि इस तरह की राजनीति बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। और ये बहुत गन्दी राजनीति है।
ऐसे तो कोई दो दुश्मन देश होते हैं।उनके देखा गया था कि अमरीका ने जापान के अन्दर नागासाकी और हिरोशिमा में न्यूक्लियर बम फेंक दिया था। कहीं दो देशों के युद्ध में बायोलोजिकल वैपन फेंक दिये जाते हैं।
कहीं दो देशों के युद्ध के अन्दर पानी में जहर मिला कर उन देशों में जाने वाली नदी के अन्दर डाल दिया जाता है। इस तरह दो देशों के युद्ध के अन्दर हमने इस तरह के काम देखें थे। लेकिन आज जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली में आने वाले पानी में जहर मिला कर भेज दिया है ताकि दिल्ली के अन्दर अफरा तफरी मच जाये दिल्ली के लोग मर जायें।और उसका ब्लेम आम आदमी पार्टी पर आ जाये।
मै बी जे पी को कहना चाहता हूं इस हद तक मत करिये।देखें आप दिल्ली वालों को पराया समझते होंगे। हम दिल्ली वालों को अपना समझते हैं। दिल्ली हमारे परिवार का हिस्सा है।मैं दिल्ली के लोगों को कहना चाहता हूं मैं आपके साथ खड़ा हूं।और कोई भी किसी भी तरह की आपके ऊपर अड़चन नहीं आने दूंगा। आप निश्चिंत रहिये।
पत्रकार के उत्तर में उन्होंने कहा अभी आतिशी जी और भगवंत मान जी ने इलैक्शन कमीशन को चिट्ठी लिखी है और बहुत ही अर्जैंट बेसिस पे उनसे मिलने का टाईम मांगा है।मैं उम्मीद करता हूं कि चुनाव आयोग इसमें तुरंत इ़टरवीन करेगा और दिल्ली की जनता को इतनी बड़ी त्रासदी से तुरंत मुक्ति दिलायेगा।“
संवेदनशील, सनसनीखेज व जन जीवन से जुड़ा मुद्दा
एक बहुत ही संवेदनशील, सनसनीखेज व जन जीवन से जुड़ा मुद्दा लगभग सभी चैनलों पर छाया हुआ है। लगभग सभी टी वी चैनलों पर इस विषय पर तर्क, कुतर्क व लम्बी बहस हो रही है। आम आदमी पार्टी वाले केजरीवाल के ब्यान सही ठहराने में लगे हैं। व विरोधी केजरीवाल का संभावित हार की हताशा में दिया गया ब्यान व भ्रम फैलाने की कोशिश बता रहे हैं। लेकिन क्या ये मुद्दा केवल टी वी चैनलों की बहस तक या चुनाव आयोग की चौखट तक छोड़ना ठीक है।
मेरे आकलन में केजरीवाल की बात अगर सत्य है तो निश्चित ही ये बड़े नर संहार की गहरी साज़िश मानी जाये। अगर चुनावी लाभ के लिए केजरीवाल अफवाह फैला सनसनी फैला रहे हैं तो इससे भाजपा नेताओं के खिलाफ हिंसा भड़क सकती है व भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हमले हो सकते हैं। दिल्ली का व देश का माहौल खराब हो सकता है।
ये तो इतना शुकर मनाइये कि दिल्ली में हर इलाके की वाटर सप्लाई अलग अलग है। नहीं तो कोई असमाजिक, शरारती तत्व कहीं भी पानी को विषैला करने की साज़िश रच देता।
ये हर लिहाज से गलत व अनैतिक रहेगा, यदि कोई भी दल इस पर एफ आई आर करवा धरातल पर इसकी अविलम्ब जांच की मांग नहीं करता । ये मुद्दा कोई छोटा मुद्दा नहीं है। बकौल अरविन्द केजरीवाल ये आम आदमी पार्टी को बदनाम करने के लिये दिल्ली में बड़े नर संहार की साज़िश थी। जिसे समय रहते दिल्ली जल बोर्ड के इंजनियरों ने सम्भाल लिया।
अगर सच्चे में ऐसा है और अरविन्द केजरीवाल के पास इसके साक्ष्य हैं । और हरियाणा की सरकार व भारतीय जनता पार्टी ने इस काम को साज़िश कर अंजाम दिया है। तो वो ये मामला प्रेस कांफ्रेंस के बाद चुनाव आयोग की चौखट तक क्यों छोड़ रहे हैं। दिल्ली में उनकी पार्टी की सरकार है । इस नाते न सही एक आम नागरिक के नाते, दिल्ली के एक एम एल ए के नाते उन्हें स्वयं या दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली के इस विभाग के मंत्री या मुख्यमंत्री ( जो इनकी ही पार्टी के हैं और वर्तमान में इनकी ही सरकार है) द्वारा साक्ष्यों के साथ पुलिस में एफ आई आर करवानी चाहिए थी।
चुनाव आयेंगे ,चुनाव जायेंगे। चुनावों में जीत हार चलती रहेगी। पर भारतीय जनता पार्टी व भाजपा की हरियाणा सरकार बड़े जन संहार की साज़िश के आरोप को ओढ़ केवल टी वी बहस , या ब्यान बाजी तक सीमित कैसे कर सकती है। केजरीवाल का केवल चुनावी स्टंट मान इतने गंभीर आरोप को ओढ़ कैसे चैन से बैठ सकती है। यदि ये आरोप गलत हैं तो अब तक तो इन्हें केजरीवाल व उसके साथियों पर एफ आई आर करवा पुलिस की देख रेखा में हरियाणा के पानीपत, सोनीपत, दिल्ली के यमुना के एंट्री पवाईंट,दिल्ली में यमुना के मध्य स्थान व दिल्ली से यमुना के बाहर निकलने से पहले के स्थान से पानी के सैंपलों की रात पिंड जांच करवा लेनी चाहिए थी।
और तीसरा बड़ा दल कांग्रेस भी इस मामले को केवल बहस तक सीमित न रखे। वह इस मामले में एफ आई आर करवा सत्य का पता लगवाने की मांग करे।
यदि केजरीवाल के आरोप सही हैं। भाजपा ने साजिशन ऐसा किया है तो भाजपा पर कठोर कारवाई हो। अगर चुनावी लाभ के लिए केजरीवाल अफवाह फैला सनसनी फैला रहे हैं तो केजरीवाल व उसके साथियों के खिलाफ कठोर कानूनी कारवाई हो।
एक बहुत ही संवेदनशील, सनसनीखेज व जन जीवन से जुड़ा मुद्दा है। इसे केवल बहस ब्यान तक छोड़ना ठीक नहीं। इसकी गहनता से जांच अति आवश्यक है।
अगर राजनैतिक दलों में से कोई पहल नहीं करता तो सुप्रीम कोर्ट या दिल्ली पुलिस को स्वत: संज्ञान ले इस पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।।
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