हीटस्ट्रोक के लक्षणों को न करें नजरअंदाज
पीएम मोदी ने भीषण गर्मी के मद्देनजर देशवासियों से सावधानी बरतने की भावुक अपील की है। उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों और श्रमिकों की सुरक्षा पर जोर देते हुए हीटस्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी।
28 मई, 2026 – नई दिल्ली : देशभर में सूरज की तपिश और बढ़ता पारा जिंदगियों को झुलसा रहा है। भीषण गर्मी के इस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिये देशवासियों से बेहद आत्मीय और भावपूर्ण अपील की है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह मौसम हम सभी के लिए कड़ा इम्तिहान है, इसलिए सभी नागरिक अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव सावधानी बरतें।
‘अपनों की सेहत का रखें ख्याल’
पीएम मोदी ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और तपती धूप में बाहर काम करने वाले मजदूरों के प्रति चिंता जताई। उन्होंने कहा, ‘यह भीषण गर्मी हम सभी के लिए बड़ी चुनौती है। शरीर में पानी की कमी न होने दें, जब भी बाहर निकलें पानी साथ रखें।’
प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे समय-समय पर अपने बुजुर्ग माता-पिता और परिजनों का हालचाल लेते रहें। उन्हें याद दिलाएं कि दोपहर की तेज धूप में बाहर न निकलें और पर्याप्त आराम करें।
‘चक्कर या कमजोरी को न करें नजरअंदाज’
प्रधानमंत्री ने हीट एग्जाशन (गर्मी से होने वाली थकान) के लक्षणों के प्रति आगाह करते हुए कहा कि चक्कर आना, जी मिचलाना या अत्यधिक थकान जैसे संकेतों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें, क्योंकि यह लापरवाही हीटस्ट्रोक (लू) का रूप ले सकती है।
यदि कोई अस्वस्थ महसूस करे, तो उसे तुरंत ठंडी या छायादार जगह पर ले जाएं और ओआरएस या पानी देकर उसकी मदद करें।
इसके साथ ही उन्होंने मानवता और करुणा का संदेश देते हुए कहा कि घर, बालकनी, दुकान या दफ्तर के बाहर बेजुबान पक्षियों और जानवरों के लिए पानी का एक कटोरा जरूर रखें। इस मुश्किल वक्त में हमारी छोटी सी संवेदना किसी बेजुबान के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।
दैनिक जागरण