अच्छे पड़ोसी का निभाया फर्ज ,हो रही खूब तारीफ
भारत को लेकर हाल ही में विदेशी धरती पर एक नई-नवेली पत्रकार ने सवाल पूछा था कि हम आप पर भरोसा क्यों करें? भारत ने अपने पड़ोसी मुल्क को संकट में जो सहायता भेजी है, उसके बाद लोग कह रहे हैं, सवाल पूछने वाले को जवाब मिल गया।
25 मई, 2026 – नई दिल्ली: भारत ने हमेशा की तरह एक बार फिर से अच्छे पड़ोसी होने का फर्ज निभाया है। भारत ने अफगानिस्तान को बीसीजी, टिटनेस और डिप्थीरिया वैक्सीन के लिए महत्वपूर्ण सूखी सामग्री की पहली बड़ी खेप भेजी है और आगे भी ऐसी खेप काबुल भेजने के लिए तैयार है।
अफगानिस्तान भेजी 20 टन टीका सामग्री
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पड़ोसी मुल्क के प्रति भारत की इस भावना के बारे में जानकारी देते हुए एक्स पर पोस्ट लिखा है, ‘भारत ने अफगानिस्तान के चाइल्ड इम्यूनाइजेशन प्रोग्राम को तेज करने के लिए काबुल को बीसीजी, टिटनेस और डिप्थीरिया वैक्सीन के लिए 20 टन महत्वपूर्ण सूखी सामग्री भेजी है; और भी खेपें भेजी जा रही हैं।’
अफगानिस्तान के मित्रवत लोगों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग करने के लिए भारत प्रतिबद्ध है।
विदेश मंत्रालय
भारत की सहायता की हो रही खूब तारीफ
- अपने जरूरतमंद मित्र राष्ट्र के लिए भारत की इस पहल का सोशल मीडिया पर लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं।
- फवाद अलोकोजई नाम के एक हैंडल ने लिखा है कि ‘एक अफगान के तौर पर मैं मुश्किल वक्त में अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़े होने के लिए भारत को तहे दिल से शुक्रिया कहता हूं। आप वैक्सीन और दवाओं के माध्यम से हमारे बच्चों की मदद कर रहे हैं, इसका हमारे लिए बहुत मायने है।’
- एक हैंडल ने लिखा है, ‘भारत को बहुत शुक्रिया। पाखंडी पाकिस्तान के लिए- मेरी कामना है, तुम्हें इस दर्द को सहने का सब्र मिले, पाकिस्तान, तुम और भी ज्यादा जलो।’
- एक हैंडल ने लिखा है कि ‘अफगानिस्तान के लोग कभी नहीं भूलेंगे,जिन्होंने मुश्किल वक्त में हमारा साथ दिया है।’
- एक और हैंडल लिखता है, ‘कुछ बेवकूफ ने पहले पूछा था। हम भारत पर क्यों भरोसा करें? हमें भारत पर क्यों भरोसा करना चाहिए? जवाब यहां है।’
- यह पहली बार नहीं है। भारत हर संकट की घड़ी में अफगानिस्तान को मानवीय सहायता भेजता रहा है।
- पिछले महीने भी बाढ़ और भूकंप प्रभावित अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत ने तुरंत ही मानवीय सहायता भेजी थी।
- अफगानिस्तान तक मदद का हाथ बढ़ाने के लिए भारत पहले ईरान के चाबहार बंदरगाह का भी इस्तेमाल कर चुका है।
- चाबहार बंदरगाह में भारत की दिलचस्पी का एक बड़ा कारण अफगानिस्तान भी है, जो किसी भी संकट की घड़ी में पूरे भरोसे के साथ पहले भारत की ओर ही देखता है।
नवभारत टाइम्स