पाकिस्तान ने दिया था टास्क; चार आतंकी गिरफ्तार
शंभू में रेलवे ट्रैक उड़ाने के मामले में पुलिस ने चार आतंकियों को पटियाला से गिरफ्तार किया है, जबकि ब्लास्ट करने वाला आतंकी जगरूप सिंह मौके पर मारा गया।
29 अप्रैल, 2026 – पटियाला : शंभू में सोमवार रात साढ़े आठ बजे ईस्टर्न डेडीकेटिड फ्रेट कॉरिडोर रेलवे ट्रैक उड़ाने के लिए किए गए ब्लास्ट के मामले में 12 घंटे बाद ही पुलिस ने चार आतंकियों को पटियाला से गिरफ्तार कर लिया है।
रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाने वाला आतंकी भी ब्लास्ट में मारा गया। उसके शरीर के टुकड़े करीब 100 मीटर के दायरे में बिखरे मिले हैं। वह खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह का करीबी था।
लोकसभा चुनाव में उसने अमृतपाल के लिए प्रचार भी किया था। गिरफ्तार किए गए सभी आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की शह पर चल रहे आतंकी मॉड्यूल से जड़े हैं।
डीआईजी कुलदीप सिंह चाहल व एसएसपी वरुण शर्मा ने पत्रकार सम्मेलन में बताया कि गिरफ्तार आतंकी मानसा निवासी प्रदीप सिंह खालसा व कुलविंदर सिंह बंगा तथा तरतारन के गांव पंजवड़ निवासी सतनाम सिंह सत्ता और गुरप्रीत सिंह गोपी पंजाब की शांति भंग करने के लिए बड़े धमाके का षड्यंत्र रच रहे थे।
मरने वाला आतंकी जगरूप सिंह का था भाई
इनसे एक आइईडी, दो पिस्तौल, एक हैंड ग्रेनेड, पांच बॉडी कैमरे, लैपटाप व अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण बरामद किए गए हैं। मरने वाला आतंकी जगरूप सिंह सतनाम का भाई था।
खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का मुखिया परमजीत सिंह पंजवड़ भी इसी गांव का था। ‘चल्दा वहीर चक्रवर्ती, अटारी’ नामक जत्थेबंदी से जुड़े थे आरोपित डीआइजी चहल ने बताया कि सभी आतंकी खालिस्तानी विचारधारा से प्रभावित हैं और ‘चल्दा वहीर चक्रवर्ती, अटारी’ नामक संगठन से जुड़े हैं।
ये मलेशिया और पाकिस्तान में बैठे आतंकी हैंडलरों के संपर्क में थे। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने स्वीकार किया है कि 27 अप्रैल की रात को रेलवे ट्रैक पर धमाके के पीछे उन्हीं का हाथ था।
पंजाब के मुख्य रेलवे मार्गों को बनाना था टारगेट
उनका मकसद पंजाब के मुख्य रेलवे मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोट करके दहशत फैलाना था। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ यूएपीए, आर्सम एक्ट और विस्फोटक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
आतंकी प्रदीप खालसा के खिलाफ मानसा में 2018 , 2019 व 2022 में तीन मामले आर्म्स एक्ट व चोरी के आरोपों के तहत दर्ज हैं। वहीं, कुलविंदर सिंह के खिलाफ मध्य प्रदेश में केस दर्ज है।
आटा चक्की व फ्रूट की दुकान में चल रही थीं देश विरोधी गतिविधियां जांच में पता चला है कि तरनतारन में आटा चक्की व फ्रूट की दुकान से देश विरोधी गतिविधियां को अंजाम दिया रहा था। धमाके में मारे गए जगरुप सिंह के मोबाइल के सिम से भी इसकी पुष्टि हुई है।
आटा चक्की गांव पंजवड़ में जगरूप के भाई की है। फ्रूट की दुकान उसके रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी की है। सोमवार को पंजाब गांव पंजवड़ घर आया था। गुरप्रीत को फोन भी किया था। इसके बाद अपनी बाइक अमृतसर रेलवे स्टेशन पर पार्क शंभू पहुंचा था और रेलवे ट्रैक पर विस्फोटक लगाया था।
धमाके को रिकॉर्ड कर भेजना था पाकिस्तान व मलेशिया
पकड़े गए आतंकियों ने धमाका कर दहशत फैलाना था। यही नहीं धमाके की वीडियो रिकार्ड कर पाकिस्तान व मलेशिया के हैंडलर को भेजना था। इसीलिए वीडियो रिकार्ड करने व रेकी करने के लिए इन आतंकियों ने अपने पास चाइनीज बाडी कैमरे रखे हुए थे।
दैनिक जागरण