बांग्लादेशी संसद में बोलते हुए नेशनल सिटीजन पार्टी के सदस्य सचिव हुसैन ने कहा, हमें इस बात की चिंता है कि अगर पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल सही हुए, जो भाजपा की जीत दिखाते हैं और वहां भाजपा सरकार बनाती है, तो वे सभी ‘कांगलू’ को बांग्लादेश में धकेल देंगे।
05 मई, 2026 – नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के एग्जिट पोल के नतीजों ने न केवल भारत में राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है बल्कि इसकी गूंज अब पड़ोसी देश बांग्लादेश की संसद तक पहुंच गई है। उसे रिफ्यूजी क्राइसिस का डर सता रहा है।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार की विदाई और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की संभावित जीत के पूर्वानुमानों ने बांग्लादेश सरकार और वहां के राजनेताओं की नींद उड़ा दी है। बांग्लादेश की संसद में रंगपुर के सांसद अख्तर हुसैन ने इस पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार बनने का सीधा असर बांग्लादेश की सीमाओं और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
बांग्लादेशी सांसद अख्तर हुसैन का बयान
बांग्लादेशी संसद में बोलते हुए नेशनल सिटीजन पार्टी के सदस्य सचिव हुसैन ने कहा, हमें इस बात की चिंता है कि अगर पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल सही हुए, जो भाजपा की जीत दिखाते हैं और वहां भाजपा सरकार बनाती है, तो वे सभी ‘कांगलू’ को बांग्लादेश में धकेल देंगे। यह हमारे लिए एक और बड़ा शरणार्थी संकट पैदा करेगा।”
कांगलू वहां की आम भाषा में ऐसे मुस्लिम बांग्लादेशियों को कहा जाता है जो बांग्ला बोलते हैं और गैर कानूनी तरीके से भारत के पूर्वी राज्यों में रह रहे हैं।
अवैध घुसपैठ था बंगाल चुनाव का मुख्य मुद्दा
पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच एक लंबी और संवेदनशील सीमा है। दशकों से अवैध घुसपैठिये भारत में जड़े जमाए बैठे हैं। पिछले 10 वर्षों से भाजपा पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार पर यह आरोप लगाती रही है कि वह ‘वोट बैंक’ की राजनीति के लिए इन घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं।
भाजपा का चुनावी एजेंडा हमेशा से NRC (नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन्स) और CAA (नागरिक संशोधन अधिनियम) के इर्द-गिर्द रहा है, जिसे लेकर बांग्लादेश हमेशा आशंकित रहता है। ढाका को डर है कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वह अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया तेज कर देगी, जिससे बांग्लादेश पर अचानक लाखों लोगों का आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा।
क्या कहते हैं एग्जिट पोल 2026 के आंकड़े?
ज्यादातर एग्जिट पोल ने बंगाल में सत्ता परिवर्तन की भविष्यवाणी की है। जहां कुछ पोल ममता बनर्जी की वापसी दिखा रहे हैं, वहीं बहुमत भाजपा के पक्ष में झुकता नजर आ रहा है। कुछ ने तो वहां पर बीजेपी को 180 प्लस सीटें जीतने का दावा किया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मुकाबला बेहद कड़ा है, लेकिन भाजपा का पलड़ा भारी दिख रहा है। ‘टुडे चाणक्य’ ने तो भाजपा की सुनामी की भविष्यवाणी की है, जिससे बांग्लादेश की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
क्या बोले नेता?
एग्जिट पोल के बाद दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। 4 मई को होने वाली मतगणना से पहले बयानों का दौर जारी है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल के नतीजों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने ईवीएम में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए इसे जनता को गुमराह करने वाला बताया है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि वे एग्जिट पोल को बहुत गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, लेकिन उन्हें पूरा विश्वास है कि बंगाल की जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और 4 मई को भाजपा की सरकार बनेगी।
पांचजन्य