भारतीय सेना ने मार गिराए LeT आतंकी, पोस्टर लगाया
लश्कर-ए-तैयबा ने पहली बार सार्वजनिक रूप से ऑपरेशन सिंदूर में अपने आतंकवादियों के मारे जाने की बात स्वीकार की है। उसने पंजाब प्रांत में कई बड़े-बड़े होर्डिंग और पोस्टर लगाए हैं, जिनमें मारे गए आतंकवादियों की तस्वीरें हैं। इसमें आतंकियों को पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के साथ भी दिखाया गया है।
06 मई, 2026 – इस्लामाबाद: पाकिस्तानी आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) ने पहली बार कबूला है कि आपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने उसके आतंकवादियों को मार गिराया था। लश्कर-ए-तैयबा ने यह कबूलनामा कोई छिपकर या किसी बड़े नेता के बयानों के जरिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक रूप से पोस्टर लगाकर किया है। इन पोस्टरों में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए आतंकवादियों का बाकायदा फोटो लगाया गया है। ये पोस्टर पाकिस्तान में आतंकवाद के सबसे बड़े गढ़ माने जाने वाले पंजाब सूबे में लगाए गए हैं।
लश्कर ने ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों के पोस्टर लगाए
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, लश्कर ए-तैयबा के मारे गए आतंकवादियों की तस्वीरों वाले पोस्टरों को LeT की कसूर यूनिट ने साहीवाल और आस-पास के इलाकों में लगए थे। इन पोस्टरों की तस्वीरें सोशल मीडिया में चर्चा का विषय हैं। पाकिस्तानी नागरिक भी अपनी सरकार से सवाल पूछ रहे हैं कि उनकी नाक के नीचे ये आतंकवादी ऑपरेट कैसे कर रहे हैं। लश्कर-ए-तैयबा संयुक्त राष्ट्र में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है, जो पाकिस्तान में अलग-अलग नामों से ऑपरेट करता है।
पाकिस्तानी सेना के साथ दिखे लश्कर आतंकी
रिपोर्ट में बताया गया है कि ये पोस्टर उन आतंकवादियों की याद में लगाए गए हैं जो मुरीदके पर भारतीय हमलों के दौरान मारे गए थे। मुरीदके को लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय माना जाता है। भारत ने आपरेशन सिंदूर के दौरान लश्कर के मुरीदके को निशाना बनाया था। इन पोस्टरों में लश्कर के आतंकवादियों को पाकिस्तानी सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिखाया गया है। इनमें सैफुल्लाह कसूरी के साथ-साथ अब्दुर रऊफ और खालिद मसूद सिंधु भी शामिल हैं। सैफुल्लाह कसूरी को पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है।
लश्कर का मुख्यालय है मरकज-ए-तैयबा
मुरीदके पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में लाहौर के पास स्थित एक शहर और तहसील मुख्यालय है। यहां पर लश्कर-ए-तैयबा का हेडक्वार्टर ‘मरकज-ए-तैयबा’ स्थित है। यह लाहौर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। मरकज-ए-तैयबा लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा के संचालन और उसकी विचारधारा का मुख्य केंद्र रहा है। यहां आतंकवादियों का ट्रेनिंग कैंप, शिक्षण संस्थान और प्रशासनिक ढांचा मौजूद है।
नवभरत टाइम्स