पाताल में पाकिस्तान, अमीर देश भी पिछड़े
World Most Powerful Passports: सिंगापुर पहले नंबर पर है और उसके बाद दूसरे सबसे मजबूत पासपोर्ट के लिए तीन देशों के बीच बराबरी है। जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात। इन तीनों देशों के लोग बिना वीजा के 187 देशों की यात्रा कर सकते हैं। पूर्वी या दक्षिण-पूर्वी एशिया के बाहर UAE का पासपोर्ट सबसे मजबूत है।
09 मई, 2026 – लंदन: पासपोर्ट ही तय करते हैं कि आप दुनिया के कितनों हिस्सों तक पहुंच सकते हैं। आपके पासपोर्ट तय करते हैं कि आपको किन देशों में वीजा फ्री एंट्री मिल सकती है या आपको किसी और देश में पहुंचने के लिए कितनी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स अलग अलग डेटा के आधार दुनिया भर के पासपोर्ट की ताकत को रैंक करता है। यह रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि किसी देश के नागरिक बिना वीजा के कितने देशों में जा सकते हैं। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स-2026 की रिपोर्ट आ गई है जिसमें भारत के पासपोर्ट ने छलांग लगाई है जबकि अमीर देश इस लिस्ट में फिसलते नजर आ रहे हैं।
सिंगापुर के लोग अपने पासपोर्ट से 192 देशों में पहुंच सकते हैं इसलिए इस लिस्ट में इसे सबसे ऊपर रखा गया है। पासपोर्ट की रैंकिंग जियो-पॉलिटिक्स, अर्थव्यवस्था, भौगोलिक स्थिति, राजनीतिक स्थिरता समेत कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है। हेनली पासपोर्ट इंडेक्स से पता चलता है कि भारतीय पासपोर्ट की स्थिति मजबूत हुई है। भारत अब 85वें स्थान से लंबी छलांग लगाकर 75वें पायदान पर पहुंच गया है।
एशिया और यूरोप के सबसे ‘ताकतवर’ पासपोर्ट
सिंगापुर पहले नंबर पर है और उसके बाद दूसरे सबसे मजबूत पासपोर्ट के लिए तीन देशों के बीच बराबरी है। जापान, दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात। इन तीनों देशों के लोग बिना वीजा के 187 देशों की यात्रा कर सकते हैं। पूर्वी या दक्षिण-पूर्वी एशिया के बाहर UAE का पासपोर्ट सबसे मजबूत है। हालांकि इसमें एक खास बात ध्यान रखने लायक है। सिंगापुर, जापान या दक्षिण कोरिया के लोगों के विपरीत UAE के नागरिकों को अमेरिका में बिना वीजा के जाने की सुविधा नहीं मिलती है।
टॉप-10 शक्तिशाली पासपोर्ट वाले देश
- सिंगापुर
- जापान, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात
5- नॉर्वे, स्विट्जरलैंड
7- यूरोपीय यूनियन, मलेशिया, यूनाइटेड किंगडम
10- ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, न्यूजीलैंड
इसके बाद वीजा-मुक्त पहुंच के मामले में यूरोपियनों के पास कई सबसे मजबूत पासपोर्ट हैं जिनमें नॉर्वे और स्विट्जरलैंड (दोनों 185) जैसे उत्तरी और पश्चिमी यूरोपीय देश सबसे आगे हैं। हालांकि 27-सदस्यीय यूरोपीय संघ (EU) में एक एकीकृत पासपोर्ट प्रणाली है फिर भी अलग-अलग सदस्य देशों की वीजा-मुक्त पहुंच में अंतर है। यह बुल्गारिया और रोमानिया के लिए 177 जगहों से लेकर स्वीडन के लिए 186 जगहों तक है।
पासपोर्ट रैंकिंग में भारत और पाकिस्तान
2026 की ताजा हेनली पासपोर्ट इंडेक्स रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान दोनों देशों की रैंकिंग में सुधार देखा गया है लेकिन भारत ने इस साल एक बड़ी छलांग लगाई है जबकि पाकिस्तान की स्थिति में भी मामूली सुधार हुआ है। भारत को इस रैंकिंग लिस्ट में 75वें नंबर पर रखा गया है जबकि पाकिस्तान को 98वें नंबर पर रखा गया है। भारत पिछले साल 85वें नंबर पर था जबकि पाकिस्तान पिछले साल 103 नंबर पर था। भारतीय लोग 56 देशों की वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं जबकि पाकिस्तान के लोग 31 देशों की वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं।
अगल ग्लोबल स्टेटस की बात की जाए तो भारत को मध्यम श्रेणी में रखा गया है जबकि पाकिस्तान को निचली श्रेणी में यमन, इराक और अफगानिस्तान जैसे देशों के साथ रखा गया है। भारत की रैंकिंग में सुधार की वजह अलग अलग देशों के साथ हुए नये द्विपक्षीय समझौते हैं।
अमीर देशों के पासपोर्ट की रैंकिंग गिरी
अमेरिका कभी इस इंडेक्स में नंबर 1 पर हुआ करता था लेकिन 2026 में वह फिसलकर 10वें स्थान पर आ गया है। 2014 में उसे पहले पायदान पर रखा गया था। अमेरिका की वीजा नीतियों में सख्ती और अन्य देशों के साथ ‘रेसिप्रोसिटी’ यानि पारस्परिक समझौतों की कमी को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है। ब्रिटेन भी पिछले कुछ वर्षों की तुलना में नीचे आया है। हालांकि भारत के मुकाबले यह बहुत ऊपर है लेकिन टॉप 3 से यह बाहर हो चुका है। अब ब्रिटेन 6वें स्थान पर है। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया भी पहले टॉप-5 में हुआ करता था लेकिन अब वो बाहर होकर 7वें और आठवें स्थान पर आ गये हैं। कई अमीर देशों ने सुरक्षा कारणों और प्रवासन को नियंत्रित करने के लिए अपनी वीजा नीतियों को सख्त किया है जिससे उनकी पासपोर्ट की रैंकिंग पर असर हुआ है।
दुनिया के सबसे कमजोर पासपोर्ट वाले देश
अफगानिस्तान (23), सीरिया (26), इराक (29), पाकिस्तान (31), यमन (31), सोमालिया (32), नेपाल 35), उत्तर कोरिया (35), बांग्लादेश (36) और ईरान (38 देश)। ये वो देश हैं जिनके पासपोर्ट काफी कमजोर हैं और इन्हें इस लिस्ट में नीचे रखा गया है।
नवभारत टाइम्स