‘भारत में मुसलमानों पर अत्याचार नहीं’, कोई सबूत नहीं
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद बांग्लादेश के कट्टरपंथी भारत में मुसलमानों का उत्पीड़न होने का आरोप लगा रहे थे। अब वहां की तारिक रहमान सरकार ने ही इन आरोपों को खारिज कर दिया है और कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है।
15 मई, 2026 – ढाका: बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने उन दावों को खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया है कि भारत के पश्चिम बंगाल और असम में मुसलमानों का उत्पीड़न हो रहा है। पश्चिम बंगाल और असम के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की एकतरफा जीत के बाद बांग्लादेश के कट्टरपंथी ये आरोप लगा रहे हैं। इनमें बांग्लादेश की कट्टरपंथी इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी और उसकी सहयोगी नेशनल सिटिजन पार्टी के नेता सबसे आगे हैं। हालांकि, बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने यह कहते हुए इन आरोपों की हवा निकाल दी है।
बांग्लादेश की सरकार ने कहा है कि उसके पास इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है। हमारे सहयोगी TOI की रिपोर्ट के अनुसार, ढाका ने कहा कि उसे भारत में मुसलमानों के खिलाफ किसी भी तरह के उत्पीड़न या अत्याचार की कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिली है।
बांग्लादेश के गृह मंत्री की दो टूक
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने तो सीधे आरोप लगाने वालों से ही सवाल पूछ लिया। उन्होंने मंगलवार को कहा, आपके पास क्या सबूत या डेटा है जिससे यह साबित हो कि मुसलमानों के खिलाफ इस तरह का उत्पीड़न शुरू हो गया है? अहमद ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे मैसेज पर निशाना साधा कहा कि कई पुरानी घटनाओं को फैलाया जा रहा है।
भारत में हमारा राजनयिक मिशन मौजूद है। हमारा विदेश मंत्रालय भी वहां है। आप उनसे पूछ सकते हैं। हमें इस तरह के उत्पीड़न की किसी भी घटना के बारे में कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
सलाहुद्दीन अहमद, बांग्लादेश के गृह मंत्री
बीजेपी की जीत से तिलमिलाए बांग्लादेश के कट्टरपंथी
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में बीजेपी की जीत के बाद से ही बांग्लादेश में भारत विरोधी बयानबाजी में तेजी आई है। बांग्लादेश की संसद में विपक्ष के चीफ व्हिप और NCP नेता नाहिद इस्लाम ने इसी सप्ताह भारत से लगी सीमा को लेकर बयान दिया है। नाहिद इस्लाम ने बॉर्डर पर तारबंदी का आरोप लगाया और कहा कि अगर तारिक रहमान सरकार सीमा की रक्षा नहीं कर पाती है, तो बांग्लादेश के लोग खुद इसकी रक्षा करेंगे।
इसके पहले बांग्लादेश के कट्टरपंथी मौलाना इनायतुल्लाह अब्बासी ने भारत के खिलाफ जहर उगला था। अब्बासी ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में मुसलमानों को खतरा होता है, तो बांग्लादेश में भी मुसलमानों को सुरक्षित नहीं रहने दिया जाएगा। उसने कहा कि पश्चिम में मुसलमानों पर जुल्म और अत्याचार हो रहा है। इसका हर हाल में विरोध होना चाहिए।
नवभारत टाइम्स